चंडीगढ़ में दूषित पेयजल आपूर्ति के मामले को लेकर चंडीगढ़ के सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में आवाज बुलंद की है। उन्होंने इस मुद्दे को बहुत जरूरी बताते हुए लोकसभा में उठाने की इजाजत मांगी। उन्होंने कहा कि शहर के कई इलाकों में गंदा पानी आ रहा है, जिससे लोग बीमार हो रहे हैं। सांसद मनीष तिवारी ने बताया कि खासकर मौली जागरां और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को असुरक्षित और दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। इसके कारण बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर गंभीर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मौली जागरां में दूषित पानी पीने से एक बच्चे की मौत का मामला सामने आने के बाद स्थिति और अधिक चिंताजनक हो गई है। जल गुणवत्ता निगरानी और रखरखाव पर उठाए सवाल तिवारी ने अपने नोटिस में कहा कि यह मामला जल गुणवत्ता की निगरानी, पाइपलाइन के रखरखाव और समग्र स्वच्छता प्रबंधन में गंभीर खामियों की ओर संकेत करता है। लगातार शिकायतों के बावजूद प्रभावी सुधार नहीं होने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच और पाइपलाइन की मरम्मत नहीं की गई तो स्थिति और बिगड़ सकती है। नागरिकों में भय और असंतोष का माहौल है। केंद्र से तत्काल कार्रवाई की मांग सांसद ने केंद्र सरकार और संबंधित अधिकारियों से तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने स्वतंत्र एजेंसी से पानी की नियमित जांच कराने, जिम्मेदारी तय करने और जल आपूर्ति से जुड़े बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया। तिवारी ने कहा कि सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। शहर में बढ़ते जल संकट और स्वास्थ्य संबंधी मामलों के बीच अब सबकी नजरें केंद्र और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।