दिल्ली के विजय चौक पर गुरुवार शाम को बीटिंग द रिट्रीट सेरेमनी हो रही है। इसके साथ ही गणतंत्र दिवस के 4 दिन तक चलने वाले कार्यक्रमों का समापन होगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस ऐतिहासिक सैन्य परंपरा को राष्ट्रीय गौरव और सैन्य विरासत का प्रतीक बताया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि विजय चौक की भव्यता के बीच होने वाला यह आयोजन भारतीय सशस्त्र बलों के अनुशासन, एकता और स्थायी मूल्यों को दर्शाता है। उन्होंने इसे देश के लिए गौरव का क्षण बताया। रक्षा मंत्री ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा- आज शाम 5.00 बजे नई दिल्ली के विजय चौक पर ‘बीटिंग द रिट्रीट’ सेरेमनी होगी। यह एक पवित्र और सम्मानजनक परंपरा है, जो गणतंत्र दिवस समारोह का समापन करती है। यह आयोजन राष्ट्रीय गौरव और भारत की सैन्य विरासत का सशक्त प्रतीक है। रिपब्लिक डे परेड 2026: बेस्ट मार्चिंग टुकड़ी और झांकी के रिजल्ट एक दिन पहले गणतंत्र दिवस परेड 2026 के लिए बेस्ट मार्चिंग टुकड़ी और बेस्ट झांकी के नतीजों की घोषणा की गई। तीनों सेनाओं में इंडियन नेवी को बेस्ट मार्चिंग टुकड़ी चुना गया। सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स और सहायक बलों की कैटेगरी में दिल्ली पुलिस को पहला स्थान मिला। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां: केंद्रीय मंत्रालयों की झांकी संस्कृति मंत्रालय को ‘वंदे मातरम- द सोल क्राई ऑफ ए नेशन’ थीम पर बेस्ट झांकी का पुरस्कार दिया गया। सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट को ‘वंदे मातरम: 150 सालों का स्मरण’ और डांस ग्रुप ‘वंदे मातरम: द इटरनल रेजोनेंस ऑफ इंडिया’ के लिए विशेष पुरस्कार प्रदान किए गए। 300 साल से भी ज्यादा पुराना इतिहास बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी की परंपरा राजा महाराजाओं के समय चली आ रही है। जब सूर्यास्त के बाद जंग बंद होने का ऐलान होता था। बिगुल बजाते ही सैनिक युद्ध बंद कर पीछे हट जाते थे। ये परम्परा 300 साल से भी ज्यादा पुरानी है। भारत के अलावा ब्रिटेन, कनाडा, अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों में बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी होती है। भारत में इसकी शुरुआत 1950 के दशक में हुई थी। ———————————–