डिप्टी सीएम और गृहमंत्री सम्राट चौधरी ने विधानसभा में बिना नाम लिए सांसद पप्पू यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज पुलिस के डर से हाथी भी बीमार होकर हॉस्पिटल जाना चाहता है। इसपर सांसद पप्पू यादव ने पटलवार किया और सोशल मीडिया X पर पोस्ट कर लिखा- ‘नाबालिग था, अब बंदर बन गया है। इस बंदर के हाथ में बिहार है। सम्राट चौधरी और पप्पू यादव के बयान पर राजनीति गर्मा गई है। बीजेपी ने पप्पू यादव के बयान पर कहा कि सांसद ने भाषाई मर्यादा को तार-तार किया है। वहीं, राजद और कांग्रेस ने दोनों नेताओं के बयान को गलत बताया है। हाथी बनाम बंदर से गरमाई राजनीति सम्राट चौधरी ने बिहार विधानसभा में कहा कि, ‘दिल्ली से लोग पटना एयरपोर्ट पर उतरते हैं और कहते हैं कि बिहार पुलिस एक चींटी भी नहीं मार सकती। लेकिन, जब वही व्यक्ति अपने इस बयान को देने के दो घंटे के भीतर गिरफ्तार होते हैं, तो कहते हैं कि ‘मैं तो बीमार हो गया हूं। बिहार में तो अब हाथी भी पुलिस के डर से बीमार होकर अस्पताल जाना चाहता है।’ सम्राट चौधरी के बयान पर पलटवार करते हुए सांसद पप्पू यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर लिखा- ‘नाबालिग था, अब बंदर बन गया है। इस बंदर के हाथ में बिहार है। स्वाभिमान की पगड़ी उतार कमीशन बटोरने के लिए पगड़ी को गमछा बना लिया।’ पप्पू यादव ने भाषाई मर्यादा को तार-तार किया पप्पू यादव के पोस्ट पर बीजेपी प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने कहा कि, ‘जब व्यक्ति के पास जवाब नहीं होता तो ऐसे शब्दों का चयन करते हैं। बीजेपी इसकी कड़ी निंदा करती है और पप्पू यादव से सार्वजनिक माफी की मांग करती है। भारतीय राजनीति में इस तरह की भाषा की कोई जगह नहीं है।’ राजनीति में भाषाई गिरावट दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है सम्राट चौधरी और पप्पू यादव के बयान पर राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने कहा कि हाल के दिनों में राजनीति में भाषाई गिरावट आई है। सता पक्ष के जरिए जिस तरह से बयान दिए जा रहे हैं, वह कहीं ना कहीं मुद्दों से भटकाने की कोशिश के तहत किया जा रहा है। नीट छात्रा रेप-मौत मामले पर सरकार स्तर से जो न्याय मिलना चाहिए, वह मिल नहीं रहा है। इस कारण लोगों में गुस्सा है। राजनीति जीवन में कोई भी व्यक्ति हो, उन्हें जनता के हितों की बात और जनता के सवालों पर जवाब देना चाहिए, जिससे जनता का विश्वास बने और जनता के हित में काम हो।’ बड़े पदों पर लोग मर्यादा का ध्यान रखें- कांग्रेस कांग्रेस प्रवक्ता आसित नाथ तिवारी ने कहा कि आपकी परवरिश और आपकी शिक्षा जैसे हुई है, वैसा ही आपकी भाषा में दिखता है। बड़े पद पर बैठे कुछ लोग हैं, जिसकी परवरिश अच्छे माहौल में नहीं हुई है। हमें दुख है कि हमने बड़े पदों पर वैसे लोगों को चुन लिया है और बैठा दिया है, जो मर्यादा को तार-तार कर गर्व का भाव रखते हैं।