विधायक फंड बढ़ाने पर सदन में सत्ता-विपक्ष एकजुट:केंद्र सांसद फंड बढ़ाएगा तो राज्य सरकार भी विधायक फंड बढ़ाने पर विचार करेगी

विधानसभा में सोमवार को अजीब स्थिति बन गई। विधायक निधि को सालाना 4 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 8 करोड़ रुपए करने की मांग को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष एक साथ आ गए। योजना एवं विकास मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव इस मांग पर अड़े रहे कि विकास राशि नहीं बढ़ाई जाएगी। स्पीकर डॉ. प्रेम कुमार की पहल पर कई विधायकों ने अपना फंड 8 करोड़ करने के पक्ष में दलीलें दीं। इस दौरान कुछ विधायक अपनी सीट के समीप शोरगुल करने लगे। काफी मनुहार के बाद बिजेंद्र यादव ने कहा कि यदि केंद्र सरकार सांसद निधि बढ़ाती है, तो बिहार सरकार भी विधायक निधि बढ़ाने पर विचार करेगी। विधायक सरकार से स्पष्ट जवाब की मांग पर अड़े रहे। अंततः उनकी सहमति से उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि सदन की भावनाओं से मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा। पैसों की कमी नहीं, विकसित बिहार का लक्ष्य पूरा करेंगे : बिजेंद्र वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि सरकार के पास पैसों की कोई कमी नहीं है। हर हाल में 2026 तक विकसित बिहार का लक्ष्य पूरा किया जाएगा। विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य का खजाना खाली नहीं है। एफआरबीएम कानून और अन्य मानकों के अनुसार वित्तीय स्थिति दुरुस्त है। सोमवार को उन्होंने विनियोग विधेयक-2026 सदन में पेश किया, जो सर्वसम्मति से पारित हो गया। उधर, विपक्ष की ओर से राजद विधायक कुमार सर्वजीत ने कहा कि विकास केवल सरकारी आंकड़ों में दिख रहा है, जमीन पर नजर नहीं आता। सरकार ने पांच साल में एक करोड़ रोजगार देने का वादा किया है, लेकिन बजट में इसका स्पष्ट प्रावधान नहीं दिखता। स्कूल और अस्पतालों में भी वास्तविक विकास नजर नहीं आ रहा है। राजकोषीय घाटा 18 प्रतिशत होने के विपक्ष के आरोप को बिजेंद्र यादव ने गलत बताया। उन्होंने कहा कि घाटा केवल 3 प्रतिशत है। नीरज की टिप्पणी पर अड़े मंत्री भाजपा विधायक नीरज कुमार बबलू ने कहा कि बिजेंद्र यादव 35 वर्षों से उनके ‘गार्जियन’ हैं, लेकिन लंबे समय तक मंत्री रहने के कारण वे विधायकों की कठिनाइयों को नहीं समझ सकते। इसके बाद बिजेंद्र यादव स्पीकर और अन्य विधायकों के आग्रह के बावजूद राशि बढ़ाने के मुद्दे पर कोई स्पष्ट जवाब देने से अड़े रहे। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने भी उनसे सकारात्मक रुख अपनाने का आग्रह किया, लेकिन वे अपने रुख पर कायम रहे। भाकपा-माले के विधायक अरुण कुमार ने कहा कि या तो राशि बढ़ाई जाए या फिर इस फंड को ही समाप्त कर दिया जाए।

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