विवाद के बावजूद जीएनडीएच में खुलेगी सस्ती दवाओं की दुकान

भास्कर न्यूज | अमृतसर गुरु नानक देव अस्पताल में मरीजों को सस्ती दवाइयां और मेडिकल उपकरण मुहैया कराने के लिए एचएससीसी की दुकान विवाद के बावजूद जल्द खुलने की उम्मीद है। एमएस डॉ. कर्मजीत सिंह का कहना है कि यह सेंटर केंद्र सरकार की ओर से खोला जा रहा है। भर्ती प्रक्रिया में देरी के चलते सेंटर खुलने में देरी हो रही है। उम्मीद है कि जल्द ही इस सेंटर पर अस्पताल में दाखिल मरीजों के अलावा आम जनता भी दवाई ले पाएगी। सस्ती दवाओं की दुकान 10 नवंबर को खोली जानी थी लेकिन कुछ तकनीकी कमियों और जीएनडीएच के बाहर स्थित करीब 60 दवा विक्रेताओं की ओर से हाईकोर्ट में एक रिट पिटीशन दायर करने के चलते दुकान खुलने में देरी हुई है। कोर्ट में केस दायर करने वाले दुकानदारों का कहना है कि करीब 40 से 45 साल से यहां काम कर रहे हैं। अस्पताल के बाहर करीब 60 दुकानें हैं जहां करीब 1 हजार मुलाजिम काम करते हैं। एचएससीसी की ओर से खोले जाने वाले केंद्र से उनके रोजगार पर प्रभाव पड़ेगा। इसके अलावा दुकानदारों का यह भी कहना है कि यदि गुरु नानक देव अस्पताल के अंदर किसी भी तरह की दवाओं की दुकान सरकार ने खोलनी ही थी तो इसकी खुली बोली क्यों नहीं कराई गई। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. कर्मजीत सिंह ने बताया कि एचएससीसी की ओर से खोली जाने वाली दुकान पूरी तरह से बनकर तैयार हो चुकी है। अब सिर्फ यहां पर स्टाफ की तैनाती की जानी है जिसके लिए सेंट्रल मिनिस्टरी ऑफ हेल्थ की कुछ अप्रूवल लेनी बाकी है।केमिस्ट एसोसिएशन ने दायर केस पर एमएम ने कहा कि सरकार अपने अस्पताल में अपनी दवाई की दुकान खोल सकती है। एचएससीसी भारत सरकार का एक उपक्रम है, जो सरकारी अस्पतालों में ऐसी सस्ती दवाओं की दुकानें खोलता है। चंडीगढ़ स्थित पीजीआई अस्पताल में एचएससीसी की ओर से दुकान चलाई जा रही है। अब अमृतसर में उक्त दुकान खोली जा रही है और इसके बाद पटियाला के राजिंदरा अस्पताल में भी उक्त दुकान खोली जाएगी। इस केंद्र में मिलने वाली सभी दवाएं और इंप्लांट भारत सरकार द्वारा तय किए गए दामों पर ही मरीजों को उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा इस केंद्र में 90 फीसदी दवाएं जेनेरिक उपलब्ध कराई जाएंगी, जबकि 10 फीसदी वे दवाएं बाहर से उपलब्ध कराई जाएंगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *