“मैं खुद अपने परिवार को डूबते हुए देखता रहा और कुछ नहीं कर सका। हादसे में मैंने अपना बेटा, पत्नी समेत परिवार के 9 सदस्य खो दिए। कुछ ही मिनटों में खुशियों से भरी यात्रा मातम में बदल गई। हमारी दुनिया उजड़ गई।” यह कहते हुए वृंदावन में नाव हादसे में अपनों को खो चुके और खुद उसी नाव में सवार विजय कुमार रो पड़ते हैं। 10 अप्रैल को इस हादसे में 12 लोगों की मौत हुई थी। विजय ने हादसे के आखिरी 7 मिनट का मंजर बताया। विजय ने कहा कि नाव में कीर्तन के कारण काफी लोग आ गए थे। विजय ने कहा कि जब हमारी नाव नए निर्माणाधीन पुल के नजदीक पहुंची तो वहां लगे लोहे के डैम को क्रेन ने खींच लिया। इतने में तेज हवा आई और नाव पिलर की तरफ गई। इसी दौरान रस्सी फंसने से पिलर से टकराकर नाव पलट गई। विजय ने कहा कि जैसे ही सभी लोग पानी में गिरे तो चिल्लाने लगे। मैं, बेटा और कुछ अन्य लोग जो तैरना जानते थे, वह पानी में छटपटाते रहे। बेटा मधुर अपनी मां को बचाने के लिए लड़ता रहा, लेकिन उसे बचाते-बचाते खुद ही डूब गया। हम उसे बाहर तो निकाल लाए, लेकिन उसे बचा नहीं सके। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… आखिरी 7 मिनट की कहानी विजय की जुबानी… यात्रा ले जाने वाले यशु की अहम बातें… ————- ये खबरें भी पढ़ें: बांके बिहारी क्लब क्या है, लुधियाना में 3 युवकों ने बनाया, पहले भजन करते थे वृंदावन में हुए नाव हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई। इन सभी को लुधियाना के जगराओं का ‘बांके बिहारी क्लब’ धार्मिक यात्रा पर लेकर गया था। जिसे आज से करीब 9 साल पहले दो सगे भाइयों और एक अन्य युवक ने मिलकर बनाया। इसी हादसे में इन दो भाइयों में से एक की मौत भी हो गई। (पढ़ें पूरी खबर) वृंदावन नाव हादसा, 5 चिताएं एकसाथ जलीं: अबोहर के युवक की लाश मिली, लुधियाना की युवती लापता वृंदावन नाव हादसे में मारने वाले 5 लोगों की लुधियाना के जगराओं में एक साथ चिताएं चलीं। इसमें कविता बहल, चरणजीत, मधुर बहल, पिंकी बहल और ईशान कटारिया शामिल हैं। मधुर बहल के परिवार ने राधा-राधा कहकर उनको अंतिम विदाई दी। वहीं इस हादसे में मरने वाले पंजाब के लोगों की सख्या बढ़कर 12 हो गई है। (पढ़ें पूरी खबर)