वृंदावन हादसे की आंखों देखी, चश्मदीद बोले- मंजर भयावह था:नाव वाले से कहा- धीमे चलाओ, नहीं माना, 3 बार डगमगाई और पलट गई

‘मंजर भयावह था। यमुना किनारे खड़े सब लोग बचाने के लिए दौड़े। हमने और हमारे एक साथी ने रस्से फेंक-फेंक कर लोगों को नदी से बाहर निकाला। उन्हें नाव पर खींच लिया। इस तरह 7-8 लोगों की जान बचाई।’ ये कहना है मथुरा में वृंदावन नाव हादसे के चश्मदीद मोहर सिंह का। इस हादसे में 10 श्रद्धालुओं की मौत हुई है। जान गंवाने वालों में 7 लोग आपस में रिश्तेदार थे। सभी पंजाब के रहने वाले थे। दैनिक भास्कर ने हादसे में जिंदा बचे और श्रद्धालुओं की जिंदगी बचाने वालों से बातचीत की। नाव में सवार तनिष ने बताया- नाव वाले से कहा कि नाव को धीमे चलाओ, लेकिन नहीं माना। इसी बीच, 3 बार नाव डगमगाई और पलट गई। पढ़िए रिपोर्ट… सबसे पहले जानिए हादसा कैसे हुआ… नाव केसी घाट पर तट से करीब 50 फीट दूर यमुना नदी के बीच में थी। उस वक्त हवा करीब 40kmph स्पीड से चल रही थी। तेज हवा से नाव अचानक डगमगाने लगी। नाविक कंट्रोल खो बैठा। पर्यटकों ने नाविक से कहा, पुल आने वाला है, रोक लीजिए। लेकिन उसने नहीं रोका। 2 बार नाव टकराने से बची। तीसरी बार में टक्कर हो गई और नाव डूब गई। हादसे से जुड़े फोटो देखिए… अब चश्मदीद और लोगों से बातचीत पढ़िए… नाव पांटून पुल के खंभे से टकराई, श्रद्धालु डर गए
मोहर सिंह नाविक हैं। जिस समय यमुना में नाव पलटी, वह कुछ दूरी पर ही थे। मोहर सिंह ने बताया- वहां दूसरी तरफ जहां नाव (स्टीमर) जा रही थी, वहां बालू (रेत) थी। पानी भी कम था। अचानक स्टीमर लौटकर आ गया। वह पांटून पुल के खंभे से थोड़ा सा टकराया तो उसमें बैठी पब्लिक डर गई। डर के कारण वे एक तरफ हो गए।’ मोहर सिंह ने बताया, ‘हम अपने स्टीमर पर दूसरी तरफ थे। हम दो लोग थे, भोप सिंह और मैं। हमने शोर सुना तो अपना स्टीमर छोड़ दिया। हम तो कम तैरना जानते हैं, लेकिन भोप सिंह को ज्यादा तैरना आता है। रस्से फेंक-फेंक कर लोगों की मदद की। श्रद्धालुओं को स्टीमर पर खींच लिया। एक बुजुर्ग महिला थी, उनको भी धीरे-धीरे खींच कर ले गए। हमने ऐसे कोई 7-8 लोगों की जान बचा ली। मंजर तो खराब था, लेकिन किनारे खड़े सब लोग बचाने के लिए भागे थे।’ राधे गोताखोर ने बताया- पानी 25 फीट गहरा था राधे गोताखोर ने बताया- श्रद्धालु दो नावों में सवार थे। जिसमें एक नाव पूरी तरह से पलट गई थी। जिस जगह हादसा हुआ, वहां पानी लगभग 25 फीट गहरा है। वहां पानी का बहाव काफी तेज है। नाव में सवार युवक ने बताया- कैसे हुआ हादसा नाव में सवार तनिष ने बताया-हम लोग करीब 25–27 लोग एक नाव में सवार होकर यमुना नदी की सैर कर रहे थे। सभी लोग कीर्तन कर रहे थे। 2–3 बार नाविक से हमने कहा कि नाव धीरे चलाए, लेकिन उसने नहीं माना। अचानक तेज हवा चलने लगी और नदी के बीच में बने लोहे के अस्थायी पीपा पुल से नाव 2–3 बार डगमगाने के बाद टकरा गई।
हादसे में मरने वाले 7 रिश्तेदार थे
हादसे में एक ही परिवार के 7 सदस्यों की मौत हुई है। मृतकों में मधुर बहल, उसकी माता कविता बहल, चाचा चरणजीत, चरणजीत की पत्नी पिंकी बहल, मधुर की बुआ आशा रानी, दूसरी बुआ अंजू गुलाटी और फूफा राकेश गुलाटी शामिल हैं। हेल्पलाइन नंबर जारी
जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 0565-2403200 जारी किया है। डीएम ने कहा- किसी भी समस्या या जानकारी के लिए मेरे मोबाइल नंबर 9454417512, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व डॉ. पंकज कुमार वर्मा के मोबाइल नंबर 9012881919/ 9454417583 और एसपी ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत के मोबाइल नंबर 9454401103 पर संपर्क कर सकते हैं। —————————- ये खबर भी पढ़ें… वृंदावन में यमुना में नाव डूबी, 10 पर्यटकों की मौत:इनमें 7 एक ही परिवार के; लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी; सभी पंजाब के रहने वाले
मथुरा के वृंदावन में 37 श्रद्धालुओं से भरी प्राइवेट नाव (स्टीमर) यमुना नदी में पलट गई। हादसे में 10 की डूबने से मौत हो गई। इनमें मां-बेटे, चाचा-चाची और बुआ-फूफा समेत एक ही परिवार के 7 सदस्य शामिल हैं। युवती समेत 5 लोग अभी भी लापता हैं। नाव में सवार सभी श्रद्धालु पंजाब से घूमने आए थे। पढ़ें पूरी खबर…

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