मणिपुर के इम्फाल में एक कपड़ों के शोरूम में सिखों की तलवार (कृपाण) को लेकर विवाद हो गया। शोरूम के गार्ड ने दो सिख युवकों को कृपाण के साथ अंदर जाने से रोक दिया और कृपाण बाहर रखने को कहा। इस बात पर युवकों की गार्ड और फिर मैनेजर से तीखी बहस हो गई। सिख युवकों ने कहा कि वे कृपाण बाहर नहीं रख सकते, क्योंकि यह उनके धर्म से जुड़ा मामला है। विवाद बढ़ने पर मैनेजर ने पुलिस बुलाने की चेतावनी दी, लेकिन युवक अपनी बात पर डटे रहे। करीब 40 मिनट तक बहस चलती रही। युवकों का आरोप है कि उनसे जानबूझकर कृपाण बाहर रखने को कहा गया, जिससे उनके धर्म का अपमान हुआ। उन्होंने कहा कि वे शोरूम मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे और इसके लिए लीगल एक्सपर्ट से सलाह भी ली है। हांलाकि वीडियो लास्ट में मैनेजर ने कहा कि छोटे कृपाण को हम नहीं रोकते, लेकिन आपके पास बड़ी तलवारें हैं। बहस के बाद मैनेजर ने सिख युवकों को सॉरी कहा और उन्हें शॉपिंग करने को कहा। लेकिन उन्होंने साफ कह दिया कि वो शॉपिंग नहीं करेंगे। यह वीडियो ‘प्रभ सिंह टॉक’ नाम के फेसबुक पेज पर पोस्ट किया गया है। बताया जा रहा है कि मामला शनिवार का है। फेसबुक पर अपलोड होने के 12 घंटे के भीतर ही इसे करीब 10 लाख लोग देख चुके हैं। वीडियो में प्रभ सिंह ने डिस्क्रिप्शन में लिखा है कि यह शोरूम मणिपुर के इम्फाल में गुरुद्वारा साहिब से 100 मीटर की दूरी पर है। उसका दोस्त चंडीगढ़ से आया था और उसने ही इस शोरूम से कपड़े खरीदने को कहा था। गार्ड-मैनेजर और सिख युवकों के बीच क्या बहस हुई…. प्रभ सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लिखा… सत श्री अकाल दोस्तों… यह बात पिछले शनिवार की है, जब हम दोनों भाई कपड़े खरीदने पहुंचे थे, जो इम्फाल (मणिपुर) गुरुद्वारे से मात्र 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। हमें शोरूम से बाहर जाने के लिए कहा गया और यह कारण दिया गया कि लोग हमसे डर रहे हैं। हमने स्टोर में मौजूद कई लोगों से पूछा कि क्या आपको हमसे डर लग रहा है? तो वहां मौजूद लोगों ने कहा कि नहीं, हमें अच्छा लगा कि आप हमारे शहर आए हैं। लेकिन हमने मैनेजर से बार-बार निवेदन किया कि कृपया हमें कंपनी की वेबसाइट पर लिखा दिखा दें कि सिख, जो किरपान धारण करके आते हैं, वे स्टोर में खरीदारी नहीं कर सकते। पर मैनेजर के पास इसका कोई जवाब नहीं था। मैं पूरी सिख संगत से निवेदन करता हूं कि इस मामले पर ध्यान दिया जाए, ताकि आगे किसी और सिख के साथ ऐसा व्यवहार न हो। जानबूझकर हमारी अलग पहचान की वजह से हमारी एंट्री को लेकर किरपान को मुद्दा बनाकर विरोध किया गया है। हम लीगल टीम से भी अनुरोध करते हैं कि हमारे साथ हुए इस अन्याय पर संज्ञान लिया जाए।