पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने विधानसभा क्षेत्र धूरी में सरकार के चार साल पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशाल समागम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने अपनी सरकार की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड पेश किया और विरोधियों पर तीखे प्रहार किए। समागम से पहले मुख्यमंत्री मान ने धूरी में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एक नए सरकारी अस्पताल का भी उद्घाटन किया, जिसे स्वास्थ्य क्रांति की दिशा में एक बड़ा कदम बताया जा रहा है। संगरूर जिले के हलका धूरी में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत ने कहा कि, उनकी सरकार ने जनता से किए हर वादे को जमीनी स्तर पर सच कर दिखाया है। उन्होंने अपनी प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख किया। मुफ्त बिजली देने का वाया पूरा किया : मान मुख्यमंत्री ने बताया कि 300 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा पूरी तरह लागू हो चुका है, जिससे लाखों परिवारों का आर्थिक बोझ कम हुआ है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जल्द ही लोगों को बिजली बिलों में एक अलग से ‘कट’ (राहत) भी देखने को मिलेगी। महिलाओं को 1000 और 1500 रुपए देने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है, जो जल्द ही धरातल पर दिखेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि “विरोधियों के पास अब बोलने के लिए कोई मुद्दा नहीं बचा है। जो काम अधूरे रह गए हैं, उन्हें आने वाले एक साल के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।” भावुक कर देने वाली गूंज: “साडी बीही विच चूड़ियां दा होका देई ना…” जनसभा में उस समय माहौल भावुक और गंभीर हो गया जब एक युवती ने क्रांतिकारी कवि संत राम उदासी की प्रसिद्ध पंक्तियों के ज़रिए गरीब तबके के दर्द को बयां किया। उसने कहा- ”साडी बीही विच चूड़ियां दा होका देई ना बीरा वणजारया, सानू रीस लग्ग जूगी वे ते साडे चाअ उठ खड़नगे, जेड़े दब्ब के रखे होए ने…” युवती ने सत्ता के गलियारों में बैठे उन नेताओं पर सीधा निशाना साधा जो 1000 या 1500 रुपए की राशि को मामूली बताते हैं। उसने कहा कि, “विधानसभा में बैठकर मूंछों पर ताव देकर ये कहना आसान है कि 1500 रुपए क्या चीज़ है? जो लोग एक डिनर पर वेटर को हजारों की टिप दे देते हैं, उन्हें क्या पता कि एक गरीब घर में 1500 रुपए की कीमत क्या है? इसी 1500 से महीने भर की चाय-पत्ती, गुड़, हल्दी और नमक-मसाले आते हैं।”