पंजाब में शिरोमणि अकाली दल के पूर्व सांसद सिमरनजीत सिंह मान ने पंजाब सरकार और सीएम भगवंत मान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मान ने कहा कि सीएम उनके सांसद कार्यकाल के दौरान किए गए विकास कार्यों का श्रेय खुद ले रहे हैं। उन्होंने इन आरोपों को ‘पंजाबियों और सिखों को गुमराह करने’ वाला बताया। मान ने दावा किया कि संगरूर-बरनाला के सभी अस्पतालों को अपग्रेड करने और उन्हें मिनी PGI बनाने तथा संगरूर विधानसभा क्षेत्र में बिजली की तारों को अंडरग्राउंड करने का काम उनके प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के लिए उन्होंने केंद्र सरकार को पत्र लिखा था। तत्कालीन मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने दी थी मंजूरी सिमरनजीत मान के अनुसार, उन्होंने लगातार केंद्र सरकार को इस संबंध में लिखा था। उनके सुझावों को स्वीकार करते हुए, तत्कालीन स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, केमिकल फर्टिलाइजर मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने 24 अप्रैल 2023 को पत्र संख्या 2/2/2023-11-11 के माध्यम से इन परियोजनाओं को मंजूरी दी थी। मान ने बताया कि इन परियोजनाओं के लिए बड़ी धनराशि आवंटित की गई थी। इसमें अस्पतालों के अपग्रेडेशन के लिए कुल 13071.28 लाख रुपए शामिल थे, जिसमें से संगरूर के लिए 4921.94 लाख रुपए और मलेरकोटला के लिए 2660.60 लाख रुपए दिए गए। जनता को गुमराह कर रही मान सरकार बिजली आपूर्ति से संबंधित कार्यों के लिए भी फंड जारी किए गए थे। मान के अनुसार, मलेरकोटला को बिजली सप्लाई के लिए 53 करोड़ रुपए, बरनाला को 84 करोड़ रुपए और संगरूर को 164 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए थे। सिमरनजीत मान ने जोर देकर कहा कि सीएम भगवंत सिंह मान और पंजाब सरकार द्वारा इन दो योजनाओं (अस्पतालों का अपग्रेडेशन और बिजली तारों को अंडरग्राउंड करना) का प्रचार केवल जनता को गुमराह करने के लिए है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ये योजनाएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं और कुछ अब शुरू होने वाली हैं।