पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने शनिवार को केंद्र सरकार द्वारा राजस्थान को गेहूं खरीद मानकों में दी गई छूट और पंजाब को इससे वंचित रखने के फैसले पर गहरी नाराज़गी और चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने पंजाब के किसानों की खड़ी गेहूं की फसल को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि कई इलाकों में बारिश से फसल की गुणवत्ता प्रभावित हुई है, जिससे किसानों को पहले ही आर्थिक झटका लगा है। ऐसे समय में किसानों को राहत देने की बजाय केंद्र सरकार द्वारा सख्त खरीद मानकों को लागू करना पूरी तरह अनुचित और संवेदनहीन फैसला है। राज्यों से अलग-अलग व्यवहार पर जताई चिंता स्पीकर संधवां ने कहा कि यह समझ से परे है कि एक ही तरह की प्राकृतिक आपदा का सामना करने वाले राज्यों के साथ अलग-अलग व्यवहार क्यों किया जा रहा है। राजस्थान को गेहूं खरीद में गुणवत्ता मानकों में छूट दी जा रही है, वहीं पंजाब के किसानों को उसी परिस्थिति में किसी प्रकार की राहत नहीं मिल रही। यह दोहरा मापदंड न केवल किसानों के साथ अन्याय है, बल्कि इससे उनकी मेहनत और योगदान का भी अनादर है। उन्होंने कहा कि पंजाब के किसानों ने दशकों से देश के अन्न भंडार को भरने में अहम भूमिका निभाई है और भारत की खाद्य सुरक्षा की रीढ़ रहे हैं। पंजाब को भी गेहूं खरीद के मानकों में राहत मिले: स्पीकर स्पीकर संधवां ने केंद्र सरकार से जोरदार मांग की कि पंजाब के किसानों की मौजूदा स्थिति को गंभीरता से समझा जाए और गेहूं खरीद के मानकों में तुरंत राहत प्रदान की जाए। साथ ही किसानों को फसल नुकसान के लिए उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए, ताकि वे आर्थिक रूप से संभल सकें। यह समय किसानों के साथ खड़े होने का है, न कि उनके साथ भेदभाव करने का। यदि इस फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया गया, तो इससे किसानों का भरोसा कमजोर होगा और देश की खाद्य सुरक्षा पर भी दीर्घकालिक प्रभाव पड़ सकता है।