भास्कर न्यूज | लुधियाना सरकार ने इस बार सिर्फ सड़कों के निर्माण पर नहीं, बल्कि उनकी गुणवत्ता और लंबी उम्र पर फोकस किया है। ठेकेदारों को 5 साल की जिम्मेदारी देना इस बात का संकेत है कि अब खराब सड़कों पर सीधे जवाबदेही तय होगी। शहर की टूटी सड़कों से परेशान लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने अब सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने वीरवार को 8.59 करोड़ रुपए के सड़क प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने साफ कर दिया कि अगर सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता हुआ तो संबंधित ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। शहर में जिन सड़कों का निर्माण और सुधार किया जा रहा है, उनमें जालंधर बाईपास से बुड्ढा दरिया तक पुरानी जीटी रोड, चांद सिनेमा से जगराओं ब्रिज तक एलिवेटेड रोड और सग्गू चौक से हंबड़ां रोड तक का निर्माण करने का शुभारंभ मंत्री अरोड़ा ने किया। इनमें जीटी रोड और एलिवेटेड रोड पर 7.07 करोड़ रुपए खर्च होंगे, जबकि सग्गू चौक से हंबड़ां रोड पर 1.52 करोड़ रुपए लगाए जाएंगे। एलिवेटेड रोड पर नई मास्टिक लेयर डालने का काम शुरू होगा, जबकि पुरानी मास्टिक लेयर काफी खराब होने से वो जगह-जगह से उखड़ी चुकी है। ऐसे में क्रश मशीन से पुरानी मास्टिक लेयर को उखाड़ने का काम शुरू हो चुका है। वहीं, सग्गू चौक से हंबड़ां रोड तक नई सड़क का निर्माण भी शुरू होगा। मंत्री अरोड़ा ने बताया कि पंजाब के शहरों में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 1000 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है, जिन्हें अप्रैल के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके अलावा पीडब्ल्यूडी और ग्रामीण विकास विभाग भी सड़कों पर बड़े स्तर पर काम कर रहे हैं। सरकार ने इस बार सड़क निर्माण में जवाबदेही तय कर दी है। सड़क बनाने वाला ठेकेदार ही 5 साल तक उसका रखरखाव करेगा, निर्माण में गड़बड़ी मिलने पर सीधे ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। इससे पहले अक्सर सड़क बनने के कुछ ही महीनों बाद गड्ढे पड़ने की शिकायतें सामने आती रही हैं। वहीं, सड़कों के बनने के बाद उनका ऑडिट भी करवाया जाएगा। ठेकेदार ब्लैकलिस्ट तो होगा ही, साथ में निगम के अधिकारियों की मिलीभगत या काम के दौरान अधिकारियों की मौजूदगी नहीं पाई जाती है तो उस अनुसार भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने बताया कि सड़कों के गड्ढे भरने के लिए आधुनिक मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। साथ ही बुड्डा दरिया को साफ करने के लिए भी काम तेज किया गया है, जिसका असर अब जमीनी स्तर पर दिखने लगा है।