बिहटा-मनेर-दानापुर नेशनल हाईवे को स्टेट हाईवे में बदल दिया गया है। इसकी लंबाई 22.74 किमी है। एसएच में आने के बाद राज्य सरकार ने सड़क को दो लेन (7 मीटर) से फोर लेन (14 मीटर) करने का निर्णय लिया। लेकिन जब सर्वे हुआ तो पता चला कि इस सड़क के किनारे लगे पेड़ ब्रिटिश काल के हैं। इनमें से कई तो 200 साल पुराने हैं। सड़क चौड़ी करने के लिए इनको काटना पड़ेगा। इसके बाद राज्य सरकार ने निर्णय लिया कि सड़क को फोर लेन नहीं किया जाएगा। इसे दोनों किनारे से डेढ़-डेढ़ मीटर चौड़ा किया जाएगा। पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस नए निर्णय से 30 से 35 पेड़ ही हटाने पड़ेंगे। करीब 2200 पेड़ को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा, जो आजादी से पहले के हैं। इनमें पाकड़, पीपल, बड़, इमली, ताड़, खजूर, बांस, शीशम, सेमर, बबूल, कहवा, आम, नीम आदि के पेड़ हैं। अंग्रेजों के जमाने का है पीपल का पेड़ मनेर के शिवदयाल टोला निवासी रास बिहारी सिंह ने कहा कि हमारी उम्र 50 साल है। बचपन में पीपल के इस पेड़ के बारे में हमारे बाबा ने बताया था कि अंग्रेजों के जमाने का यह पेड़ है। 80 वर्षीय राम सेवक राय ने कहा कि हमारा घर दियारा में था। मुख्य सड़क मनेर-पटना रोड था। बचपन में आते थे तो सड़क के दोनों किनारे घने पेड़ थे। कई गिर गए, लेकिन अब भी सैकड़ों पेड़ आजादी से पहले के हैं। 100 करोड़ से बढ़ेगी चौड़ाई बिहटा से मनेर होते दानापुर तक 22.74 किमी स्टेट हाइवे की 3 मीटर चौड़ाई बढ़ाने पर 100 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसके लिए टेंडर निकाला गया है। इस महीने के अंततक एजेंसी का चयन हो जाएगा। अप्रैल से सड़क को चौड़ा करने का काम शुरू होगा। जाम से मिलेगी निजात : सड़क के एक लेन की 3.5 मीटर है। नए निर्णय के तहत सड़क तीन लेन जितनी चौड़ी होगी। पथ निर्माण विभाग के मुताबिक गाड़ियों को पास लेने में परेशानी नहीं होगी। सड़क किनारे गाड़ी खड़ी रहने पर भी जाम नहीं लगेगा। आम लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना होगा। अभी दो लेन सड़क होने के कारण जाम की समस्या होती है। इससे निजात मिलेगी। इसके साथ ही भविष्य में जेपी गंगा पथ से जुड़ने के बाद ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।