साइबर लिटरेसी- फास्टैग रिचार्ज स्कैम:जानें कैसे फंसते हैं लोग, सस्ते के लालच में न आएं, रिचार्ज कराते हुए बरतें 10 सावधानियां

डिजिटल टोल सिस्टम ने नेशनल हाइवे पर सफर को आसान बनाया है। लेकिन साइबर ठग अब इसका गलत फायदा उठा रहे हैं। इसके चलते बीते कुछ दिनों में FASTag (फास्टैग) रिचार्ज और एनुअल पास के नाम पर ऑनलाइन ठगी के कई मामले सामने आए हैं। स्कैमर्स NHAI (नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के नाम व लोगो का दुरुपयोग कर सोशल मीडिया और गूगल पर फर्जी विज्ञापन चलाते हैं। इस पर क्लिक करने से फर्जी वेबसाइट खुलती है। ये वेबसाइट इस तरह डिजाइन की जाती हैं कि ओरिजिनल वेबसाइट जैसी ही लगती हैं, इसलिए लोग इसके झांसे में आ जाते हैं। इस खतरे को देखते हुए इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने अपने ‘एक्स’ अकाउंट के जरिए लोगों को सतर्क किया है। साथ ही इससे बचने के कुछ जरूरी तरीके भी शेयर किए हैं। आज ‘साइबर लिटरेसी’ कॉलम में हम ‘फास्टैग स्कैम’ के बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस सवाल- ’फास्टैग स्कैम’ क्या है? जवाब- यह एक ऑनलाइन ठगी है, जिसमें साइबर अपराधी फास्टैग रिचार्ज या एनुअल पास पर भारी छूट का लालच देकर लोगों को फर्जी वेबसाइट या लिंक पर ले जाते हैं। इसके जरिए पैसे ठग लेते हैं। स्कैमर फास्टैग रिचार्ज, एक्टिवेशन और रिफंड के बहाने इस स्कैम में लोगों को फंसाते हैं। सवाल- साइबर ठग फास्टैग के नाम पर स्कैम को कैसे अंजाम देते हैं? जवाब- इसके लिए साइबर ठग NHAI के नाम और लोगो का दुरुपयोग करते हैं, जिससे वेबसाइट रियल दिखती है। जैसे ही यूजर फर्जी वेबसाइट पर वाहन नंबर, मोबाइल नंबर और पेमेंट डिटेल दर्ज करता है, पैसे ठगों के खाते में चले जाते हैं और रिचार्ज भी नहीं होता। नीचे दिए ग्राफिक से इसे समझिए- सवाल- लोग कैसे इतनी आसानी से ‘फास्टैग स्कैम’ के झांसे में फंस जाते हैं? जवाब- इसके कई कारण हैं- सवाल- फास्टैग रिचार्ज, एक्टिवेशन और रिफंड में लापरवाही करने पर क्या नुकसान हो सकते हैं? जवाब- फास्टैग से जुड़ी सर्विसेज में छोटी सी लापरवाही भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। इसके सभी रिस्क नीचे दिए ग्राफिक में देखिए- सवाल- फास्टैग स्कैम से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- फास्टैग से जुड़े किसी भी काम के लिए आधिकारिक प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करें। गूगल सर्च में ऊपर दिखने वाले हर लिंक पर भरोसा न करें। किसी भी अनरियल डिस्काउंट से सावधान रहें। साथ ही कुछ और बातों का भी ध्यान रखें। इसे नीचे दिए ग्राफिक में देखिए- सवाल- फास्टैग रिचार्ज, एक्टिवेशन और रिफंड का सही तरीका क्या है? जवाब- फास्टैग से जुड़ी हर प्रक्रिया ऑथराइज्ड बैंक या आधिकारिक एप/वेबसाइट के माध्यम से ही करें। नीचे एक्टिवेशन, रिचार्ज और रिफंड के सही और सुरक्षित तरीके बताए गए हैं- एक्टिवेशन रिचार्ज रिफंड सवाल- अगर फास्टैग स्कैम का शिकार हो जाएं तुरंत तो क्या करें? जवाब- ऐसी स्थिति में तुरंत कुछ एक्शन लें- ……………………….. साइबर लिटरेसी से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए साइबर लिटरेसी- रिफंड के नाम पर 80,000 का चूना: जानें क्या है ये स्कैम, लोग क्यों होते शिकार, कैसे बचें, फर्जी नंबर कैसे पहचानें आजकल रिफंड के नाम पर स्कैम की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसी खतरे को देखते हुए इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने एक अलर्ट जारी किया है। पूरी खबर पढ़िए…

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