भास्कर न्यूज | अमृतसर पंजाब सरकार की ओर से वीरवार को सभी तहसीलों में ईजी-रजिस्ट्री का काम प्रॉपर तरीके से शुरू कर दिया गया। अब सरकार की ओर से जारी किए गए ई-पोर्टल पर ही रजिस्ट्री करवाई जा सकेगी। सरकार के दावे के मुताबिक लोगों को 20 मिनट में रजिस्ट्री करके दी जाएगी। सरकार ने इससे पहले 12 जून 2025 को ई-पोर्टल लांच किया था और उसके बाद 15 जुलाई से प्रॉपर ईजी रजिस्ट्री लांच होनी थी, लेकिन करीब साढ़े 4 माह के बाद इसे पूरी तरह से लागू करवाया जा सका है। तकनीकी खामियों को दूर कर अब इसे प्रॉपर तरीके से लागू किया गया है। तहसीलों में लोगों को एजेंटों से छुटकारा मिलेगा। वीरवार को तहसील-1, तहसील-2 और तहसील-3 में एडीसी रोहित गुप्ता और डीआरओ नवकीरत सिंह रंधावा ने इस काम की जायजा लिया। पहले दिन तीनों तहसीलों में 154 रजिस्ट्रियां हुईं। ईजी रजिस्ट्री के तहत अब लोगों की टोकन नंबर के माध्यम से ही रजिस्ट्री हो सकेगी। अब तहसीलदार या वसीका नवीसों की कोई मनमानी नहीं चलेगी कि कोई भी जब मर्जी जाकर अपनी रजिस्ट्री पहले करवा सके। सरकार की ओर से सब रजिस्ट्रारों को सख्त हिदायतें दी गई कि आवेदक की फोटो होने के एक घंटे के अंदर-अंदर सब रजिस्ट्रार द्वारा साइन की गई रजिस्ट्री वापस दी जाए। सरकार की ओर से तहसीलों के लिए जारी की गई हिदायतें पंजाब सरकार की ओर से रजिस्ट्री करवाने वाले लोगों के लिए कई नियमों आदि लागू किए गए हैं। आदेशों में कहा गया है कि रजिस्ट्री करवाने के समय सब रजिस्ट्रार के पास जमीन बेचने वाला, खरीदने वाला, नंबरदर या एमसी या सरपंच और दूसरा गवाह ही जा सकेगा। अगर आवेदक के वसीके के बारे रजिस्ट्री समय सब रजिस्ट्रार की ओर से कोई ऐतराज लगाया जाता है या फोटो होने के एक घंटे के अंदर-अंदर उन्हें सब रजिस्ट्रार द्वारा साइन वसीके की कॉपी प्राप्त नहीं होती है तो अपने व्हाट्सएप पर आए लिंक पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। http://www.easyregis try.punjab.gov.in पर लॉगिन करें। पोर्टल पर रजिस्ट्री का ऑनलाइन स्लॉट बुक किया जाता है, जिसमें खरीदार विक्रेता की बेसिक जानकारी भरी जाती है। इसके बाद प्रॉपर्टी का पूरा विवरण दर्ज किया जाता है जैसे प्रॉपर्टी की किस्म, खसरा नंबर, पता और एरिया आदि। फिर आधार कार्ड, पैन कार्ड, सेल डीड ड्राफ्ट, फोटो, बिजली बिल और एनओसी जैसे दस्तावेज पोर्टल पर पीडीएफ में अपलोड किए जाते हैं। स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्री फीस का भुगतान नेट बैंकिंग या यूपीआई से ऑनलाइन किया जाता है और ई-रसीद मिल जाती है। स्लॉट बुकिंग के दिन खरीददार, विक्रेता और गवाह तय समय पर सब-रजिस्ट्रार ऑफिस पहुंचते हैं। वहां सबका बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन किया जाता है, जिसमें फिंगरप्रिंट और आधार ओटीपी से पहचान पक्की की जाती है। सब-रजिस्ट्रार सभी दस्तावेज़, फीस और प्रॉपर्टी विवरण चेक करके रजिस्ट्री को डिजिटल रूप से मंजूर करता है। मंजूरी के बाद रजिस्ट्री की डिजिटल कॉपी पोर्टल से डाउनलोड की जा सकती है और हार्ड कॉपी ऑफिस से मिल जाती है।