सिरसा की पंचायतों ने भिखारियों के आने पर लगाई रोक:पार्सल देने वालों की भी एंट्री नहीं; बच्चे किडनैपिंग के चलते लिया फैसला

सिरसा जिले में दो ग्राम पंचायतों के अजीब फरमान जारी किए गए हैं। इसे लेकर पंचायतों के दो लेटर भी सोशल मीडिया पर वायरल है। पंचायत ने भिखारियों के आने पर रोक लगा दी है और मंगलमुखी समाज को भी बधाई देने पर निर्धारित किया है। खास बात है कि ऑनलाइन सामान का पार्सल देने वालों की भी गांव में एंट्री पर बैन लगा दिया है। गांव के बाहरी ओर खड़ा होना होगा, जिसका पार्सल उसे वहीं पर बुलाए। इसे लेकर पंचायत की ओर से गांव में ग्रामीणों के साथ मीटिंग की गई, जिसमें इसे फैसल पर सहमति बनी। इसके बाद पंचायत ने ये आदेश जारी किए। पंचायत की ओर से गांव में जगह-जगह नोटिस बोर्ड भी लगाए जाएंगे, ताकि बाहर से आने वाले लोगों को पता चल सकें। कोई भी नियमों की अवहेलना करेगा तो उसे पर जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा गांव में लाउड स्पीकर बजाने वालों पर भी रोक लगाने पर सहमति बनी है। जब इस बारे में पंचायतों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इन दिनों बच्चे किडनेपिंग केस या ठगी की घटनाएं ज्यादा होने लगी है। इसे देखते हुए यह फैसला लिया गया है। किस पंचायत ने क्या आदेश जारी किए ग्राम पंचायत कागदाना की सरपंच प्रोमिला देवी की ओर से जारी पत्र में लिखा है कि 22 तारीख को ग्राम ज्ञान केंद्र में बैठक हुई, जिसमें कई मुद्दों पर सहमति बनी। नशा मुक्त कागदाना, मंगता-भिखारी गांव में न आए, मंगलमुखी समाज को केवल 1100 रुपए देने हैं, डीजे का समय रात्रि 10 बजे केवल, सभी गांव के छोटे बच्चों व युवा वर्ग का ध्यान रखा जाए। ग्राम पंचायत नेजियाखेड़ा के सरपंच सोनू कालेरा की ओर से जारी पत्र में लिखा है कि सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि गांव में कोई भी अनजान लोगों को प्रवेश वर्जित है। गांव में प्रेशर हॉर्न व लाउडस्पीकर बजाना मना है। नियमों की अवहेलना करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा। मंगलमुखी समाज को बधाई के रूप में 1100 रुपए दिए जाएंगे। फसल कटाई का समय आने वाला- सरपंच मामले में कागदाना की सरपंच प्रोमिला देवी का कहना है कि अब आगे फसल कटाई का समय आने वाला है। गांव में बहुत कम लोग रहते हैं और सब खेत में चले जाते हैं। पीछे से घरों में महिलाएं अकेली होती है और कुछ घरों में कोई नहीं होता। ऐसे में बाहर के लोग गांव में आते हैं, तो चोरी या कोई वारदात होने का डर रहता है। ग्रामीणाें का आरोप है कि कुछ लोग मंगलमुखी बनकर आते हैं, जो असली नहीं होते। वे बधाई के नाम पर लोगों से पैसे लेने के लिए जिद करते हैं। गोशाला में कर सकते है दान- सोनू कालेरा नेजियाखेड़ा सरपंच सोनू कालेरा का कहना है कि पंचायत गांव के साथ है और पंचायत सदैव तत्पर रहेगी, कोई भिखारी नहीं आएगा। वरना उसके साथ कड़ा रूख अपनाया जाएगा। ग्रामीण बोले कि इन दिनों गांवों में बच्चे किडनेपिंग की घटनाएं ज्यादा होने लगी है। गांव के लोग फसल कटाई सीजन में खेत में चले जाते हैं। पीछे से बाहर से आने वाले लोग घरों में महिलाओं को अकेले देखकर वारदात को अंजाम देते हैं। किसी को दान-पुन: करना है, तो वह गोशाला में कर सकता है। अन्य पंचायतों के भी इस तरह के फरमान जारी सिरसा जिले में इससे पहले कुछ अन्य ग्राम पंचायतों की ओर से भी इस तरह के फरमान जारी हो चुके हैं। गांव में चोरी करते हुए बाहर के लोग सरेआम पकड़े गए थे और मंगलमुखी बनकर आए लोगों द्वारा छीनाझपटी की वारदात सामने आई थी, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। ग्रामीणों का दावा है कि गांव में इसके बाद वारदात में कमी आई है।

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