सिरसा जिले के कालांवाली उपमंडल के गांव खोखर में रविवार को हुए डबल मर्डर केस में खुलासा हुआ है। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि जिस दो कनाल भूमि का सौदा पूर्व सरपंच जरमल सिंह के परिवार से बिंदा सिंह ने आरोपी दूसरी पार्टी तोड़ा था। दरअसल, वह जमीन बिंदा अपने ही परिवार के पूर्व सरपंच को देना चाहता था, उनके बीच डील हो गई थी। इसलिए उसने दूसरी पार्टी मोती सिंह को जमीन बेचने से मना कर दिया। जानकारी के अनुसार, गांव खोखर में दो कनाल जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। जमीन बेचने व लेने वाले एक परिवार से हैं, जिसने पहले जमीन खरीद के लिए सौदा किया था, वो मोती सिंह उनके गांव का है। सौदा कैंसिल करने के बाद मोती सिंह को पता चल गया कि ये जमीन पूर्व सरपंच जरमल सिंह खरीद रहा है और वो बात रास नहीं आई। जब रविवार सुबह करीब 8.30 बजे पूर्व सरपंच जरमल सिंह व उसका भतीजा दलजीत सिंह गांव में खेतों में बनी ढाणी से गांव की ओर आ रहे थे। बीच रास्ते मोती सिंह व उसके साथ 5-6 वहां बरछे, भाले व तेजधार हथियार लेकर वहां पहुंच गए और उनको वहीं पर घेर लिया। पहले उनकी आपस में जमीन का सौदा कैंसिल करवाने और खुद खरीदने को लेकर बहस हुई और बाद में सभी ने उन पर हमला कर दिया। बीच-बचाव में आए दो और परिवार के सदस्यों को चोटें आई है। पूर्व सरपंच जरमल सिंह को रास्ते के एक तरफ गेहूं फसल में और भतीजे दलजीत सिंह को मारकर फसल में दूसरी ओर गिरा दिया। सिलसिलेवार ढंग से जानिएं पूरा मामला पुलिस के अनुसार, पूर्व सरपंच जरमल सिंह और उनके परिवार की पुस्तैनी जमीन एक ही जगह पर है और कुछ परिवार खेतों में बनी ढाणियों में रहते हैं। पूर्व सरपंच जरमल सिंह के परिवार से बिंदा सिंह ने अपने हिस्से की दो कनाल भूमि गांव के रहने वाले मोती सिंह को बेचना तय कर लिया और इकरारनाम राशि ले ली। मगर बाद में वो जमीन बिंदा सिंह की पूर्व सरपंच जरमल सिंह को बेचने की डील कर ली और आपसी सहमति बन गई। इस पर बिंदा सिंह ने गांव के मोती सिंह को मना कर दिया। इसकी भनक मोती सिंह को जा लगी और पूर्व सरपंच को ये डील कैंसिल कराने पर शक हो गया। ये विवाद लगातार बढ़ता गया। रविवार सुबह करीब साढ़े 8 बजे मोती सिंह व उसके साथ वालों पूर्व सरपंच जरमल सिंह व उसके भतीजे दलजीत सिंह की हत्या को अंजाम दे दिया। इनके शरीर पर कई तेजधार हथिया से वार किए गए, जो आज मंगलवार को पोस्टमार्टम में पता चल पाएगा। पुलिस ने मोती सिंह सहित 5 अन्य पर केस दर्ज
इस मामले में कालांवाली पुलिस थाना प्रभारी सुनील कुमार का कहना है कि मृतकों के परिजनों के बयान पर आरोपी पक्ष से मोती सिंह सहित पांच अन्य पर केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच जारी है। रविवार को देर शाम होने के कारण दोनों के शवों का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। सोमवार को दोनों शव का पोस्टमार्टम होगा।
आरोपी पक्ष से तीन लोगों को चोटें, बयान दर्ज नहीं किए
पुलिस के अनुसार, आरोपी पक्ष मोती सिंह के साथ के तीन लोगों को चोटें आई है, जिनको डॉक्टरों ने अनफिट बताया है। ऐसे में पुलिस उनके बयान दर्ज नहीं कर पाई है। उनके बयान डॉक्टरों के अनुसार, सोमवार या मंगलवार को दर्ज किए जा सकते हैं।
विवाद को पंचायत में समझाने का प्रयास किया, पर हत्या तक जाने का सोचा नहीं था : सरपंच प्रतिनिधि
गांव के सरपंच प्रतिनिधि गुरप्रीत सिंह ने बताया कि यह मामला पहले पंचायत में आया था और आपसी समझौते की कोशिश की जा रही थी। इस विवाद को पंचायती स्तर पर सुलझाने के प्रयास भी किए जा रहे थे। गुरप्रीत सिंह ने कहा कि विवाद गंभीर था, लेकिन किसी को उम्मीद नहीं थी कि बात हत्या तक पहुंच जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों पक्षों में पिछले कुछ समय से तनाव बना हुआ था। कुछ ग्रामीणों का मानना है कि रविवार को कार्यक्रम में जाने की सूचना शायद दूसरे पक्ष को पहले से थी और इसी वजह से रास्ते में रोककर हमला किया गया। पुलिस ने जुटाएं साक्ष्य
घटना की सूचना मिलने के बाद कालावाली थाना प्रभारी सुनील कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। डबल सीआई प्रभारी राजपाल भी अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर सबूत जुटाए, जिसमें खून से सनी जमीन, मोटरसाइकिल और आसपास के हालात का बारीकी से मुआयना किया गया। पुलिस बोली, जल्द आरोपी काबू में होंगे
इसके बाद दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मगर परिजनों के समय पर बयान दर्ज न होने से पोस्टमार्टम नहीं हो सका। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।