भास्कर न्यूज | जालंधर मुख्यमंत्री भगवंत मान शुक्रवार को पीएपी में पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को लेकर पहुंचे, जिसको लेकर पुलिस प्रशासन द्वारा सीपीएफ कर्मचारी यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सुखजीत सिंह को नजरबंद किया गया। सुखजीत सिंह ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री द्वारा 18 नवंबर, 2022 को पंजाब के कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना लागू करने संबंधी नोटिफिकेशन जारी की गई थी, लेकिन तीन दिवाली बीत जाने के बावजूद पंजाब सरकार द्वारा पुरानी पेंशन योजना की जारी की गई नोटिफिकेशन को लागू नहीं किया गया। इस कारण पंजाब के कर्मचारियों में सरकार के प्रति भारी रोष पाया जा रहा है। जबकि पंजाब सरकार द्वारा इस संबंध में देशभर में करोड़ों रुपए के विज्ञापन भी लगवाए गए थे, आज तक भी पंजाब में पुरानी पेंशन योजना की बहाली नहीं हुई है। इस संबंध में यूनियन की तरफ से मुख्यमंत्री भगवंत मान से सवाल उठाया जाता है, तो मुख्यमंत्री के इशारे पर पुलिस प्रशासन द्वारा कर्मचारी नेताओं को उनके घरों में नजरबंद कर दिया जाता है। संविधान के अनुसार हर व्यक्ति को अपनी मांग रखने और अपनी बात कहने का अधिकार है, लेकिन सरकार के ऐसे व्यवहार से ऐसा प्रतीत होता है कि पंजाब आपातकाल के दौर की ओर बढ़ रहा है, जहां कोई भी व्यक्ति अपनी मांग या बात सरकार के सामने नहीं रख सकता। इस मौके पर अमनदीप सिंह, संगत राम और कृपाल सिंह मौजूद थे।