सीबीएसई स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र से पढ़ाई का तरीका बदलने जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत एनसीईआरटी ने सिलेबस में बड़ा बदलाव किया है। अब पढ़ाई रटने के बजाय समझ पर आधारित होगी। कक्षा को ज्यादा इंटरएक्टिव बनाने के लिए स्कूलों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों के लिए नई एनसीईआरटी किताबें ही खरीदें। सबसे बड़ा बदलाव कक्षा 9वीं के अंग्रेजी विषय में किया गया है। पहले अंग्रेजी की दो किताबों में कुल 29 चैप्टर पढ़ाए जाते थे, लेकिन अब इनकी जगह एक नई किताब ‘कावेरी’ लागू की गई है। इस किताब में केवल 16 चैप्टर ही होंगे। भौतिकी से ‘ग्रेविटेशन’और जीव विज्ञान से ‘इंप्रूवमेंट इन फूड रिसोर्सेज’ अध्याय हटा कक्षा 9वीं के अन्य विषयों के सिलेबस में भी बदलाव किया गया है। विज्ञान से ‘मैटर इन आवर सराउंडिंग’, भौतिकी से ‘ग्रेविटेशन’और जीव विज्ञान से ‘इंप्रूवमेंट इन फूड रिसोर्सेज’ अध्याय हटा दिए गए हैं। इतिहास के लंबे और पारंपरिक पाठों को छोटा और आसान बनाया गया है। वहीं जीव विज्ञान में ‘रिप्रोडक्शन’और ‘डायवर्सिटी’ जैसे नए अध्याय जोड़े गए हैं। इन बदलावों का मकसद बच्चों की समझ बढ़ाना और पढ़ाई को ज्यादा सरल व रोचक बनाना है। नई किताब में भारतीय लेखकों और भारतीय ज्ञान परंपरा को ज्यादा महत्व दिया गया है। इसमें रवींद्रनाथ टैगोर, सुधा मूर्ति, सुब्रमण्यम भारती, तेमसुला एओ और मित्रा फुकन की रचनाएं शामिल की गई हैं। साथ ही “द वर्ल्ड ऑफ लिमिटलेस पॉसिबल” नाम से एक नया अध्याय जोड़ा गया है, जिसमें पैरालंपिक खिलाड़ी दीपा मलिक की प्रेरक कहानी दी गई है। इन बदलावों से छात्रों को कम सिलेबस में बेहतर समझ मिलेगी। पढ़ाई अब ज्यादा इंटरैक्टिव और रुचिकर होगी। साथ ही, बच्चों का ध्यान रटने के बजाय समझ और व्यावहारिक ज्ञान पर रहेगा।