सुपौल में मां-बेटी की जिंदा जलकर मौत हो गई। घर की दीवार पर रखी साड़ी में आग लगनी शुरू हुई, जो कुछ ही मिनटों में फैलकर पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। मां-बेटी की चीख सुनकर पास के कमरे में सो रहे मृतका का भाई पहुंचा। दरवाजा तोड़कर उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी भड़क चुकी थी कि महिला ने उसे वहां से भाग जाने के लिए कहा। करीब डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया। आग बुझने के बाद अंदर से दोनों के जले शव बाहर निकाला गया। घटना सुपौल नगर परिषद क्षेत्र के बलवा पुनर्वास, वार्ड नंबर-1 की है। रविवार (22 फरवरी) देर रात करीब 2:30 बजे एक घर में आग लगी और कुछ ही देर में पूरा घर जलकर राख हो गया। मृतकों की पहचान नीलम देवी (28) और उसकी 4 साल की बेटी अंजलि कुमारी के रूप में हुई है। अब सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए पूरी खबर… 2020 में हुई थी शादी नीलम देवी ने सहरसा के बिहार थाना क्षेत्र के आरान बिशनपुर निवासी पिंटू यादव से साल 2020 में शादी की थी। पिंटू दिल्ली में रहकर मजदूरी करता है। वहीं, नीलम सास-ससुर और अपनी 4 साल की बेटी के साथ सहरसा में रहती थी। नीलम 15 फरवरी को अपनी मां से मिलने के लिए मायके(सुपौल) आई थी। रविवार की रात 11 बजे नीलम मां-भाई और बेटी के साथ खाना खाकर अपने कमरे में सोने चली गई थी। इस दौरान रात 12 बजे तक नीलम ने अपनी मां से खूब बातें की। इसके बाद उसकी मां अपने छोटे के पास सोने के लिए चली गई। बहन ने खुद की जान देकर मुझे बचाया भाई राकेश ने बताया, मैं गहरी नींद में था। तभी रात करीब 2.30 बजे मुझे बहन और भगिनी की चीखें अचानक सुनाई देने लगी। मैं दौड़ता हुआ बहन के कमरे की तरफ भागा, वहां देखा उसके कमरे में आग लगी है। मैं जैसे ही उसे बचाने के लिए दरवाजा तोड़कर आगे हाथ बढ़ाया, तब तक ऊपर की सीलिंग जमीन पर गिर गई। इस वजह से आग और ज्यादा फैल गई। नीलम दीदी ने मुझे वहां से भगा दिया। घटना के वक्त उन्होंने मुझे कहा, मां और तुम घर से बाहर निकलो….मैं और बेटी खुद बाहर आ जाएंगे। मैंने उसकी बात मान ली और मैं मां को लेकर बाहर निकल गया। वहीं, हमलोगों की आवाज सुन घटना के करीब 20-30 मिनट बाद मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। लोगों ने तुरंत घटना की जानकारी पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम को दी। 100 बाल्टी पानी से आग बुझाने की कोशिश की पड़ोसी कमल सदा ने बताया, ‘फायर ब्रिगेड की टीम के आने से पहले ग्रामीण आग बुझाने में जुटे थे। आधे से ज्यादा आग पर काबू पा लिया था। लोगों ने घर से अपनी-अपनी बाल्टी लाकर पानी भर कर आग पर फेंकना शुरू किया। इस दौरान करीब 100 बाल्टी पानी धधकती आग पर फेंका गया, लेकिन वो बुझा नहीं। करीब 3.30 बजे फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची और आग पर काबू पाया गया। हालांकि, तब तक पूरा घर जलकर राख बन चुका था। घर में रखा सारा सामान जलकर खाक हो गया था। मलबे से निकले मां-बेटी के जले हुए शव आग बुझने के बाद मलबे की जांच शुरू की गई तो घर के अंदर से नीलम देवी और उनकी बेटी अंजली के शव मिले। ग्रामीणों ने बताया, नीलम के पिता प्रमोद पासवान ने 2 शादियां की थी। पहली पत्नी से प्रमोद को 4 बच्चे हैं। इसमें से नीलम राकेश और 2 बेटा-बेटी बाहर रहते हैं। वहीं, दूसरी पत्नी से उन्हें 3 बच्चे हैं। ग्रामीण का कहना है, प्रमोद की दूसरी पत्नी ने गुस्से में आकर पहली पत्नी के घर पर आग लगाई है। हालांकि, अभी इसके बारे में पुलिस ने कुछ नहीं कहा है। फिलहाल, पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। सदर थानाध्यक्ष रामसेवक महतो ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका है।