सोनीपत जिला बार एसोसिएशन के बहुचर्चित चुनाव विवाद में शनिवार को अहम फैसला सामने आया। पंजाब एंड हरियाणा बार काउंसिल के इलेक्शन ट्रिब्यूनल ने प्रधान पद पर काबिज अनिल ढुल का चुनाव अवैध करार देते हुए उन्हें चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप और रिकॉर्ड से छेड़छाड़ का दोषी ठहराया है। इसके साथ ही याचिकाकर्ता कमल हुड्डा को प्रधान बना दिया गया है। इस फैसले ने न केवल सोनीपत बार एसोसिएशन की राजनीति में हलचल मचा दी है, बल्कि चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर भी बड़ा संदेश दिया है। चुनाव प्रक्रिया पर उठे सवाल, याचिका में लगाए गंभीर आरोप इलेक्शन पिटीशन नंबर 03/2025 के तहत कमल हुड्डा ने अनिल ढुल के चुनाव को चुनौती देते हुए मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाए। याचिका में कहा गया कि वोटों की गिनती निष्पक्ष नहीं हुई और री-काउंटिंग की मांग को भी बिना उचित आधार के खारिज कर दिया गया। रिकॉर्ड से छेड़छाड़ का दोषी करार, कमेटी रिपोर्ट बनी आधार सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट्स की कमेटी की 28 जनवरी 2026 की रिपोर्ट अहम साबित हुई, जिसमें बैलेट बॉक्स समेत चुनाव रिकॉर्ड से छेड़छाड़ का जिम्मेदार सीधे तौर पर अनिल ढुल को ठहराया गया। ट्रिब्यूनल ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए सख्त रुख अपनाया। 50 हजार जुर्माना और एफआईआर हाई-पावर कमेटी की सिफारिश पर अनिल ढुल को 50 हजार रुपए जिला बार एसोसिएशन के खाते में जमा कराने के आदेश दिए गए, जिसका पालन भी किया गया। इसके अलावा 24 मार्च 2026 को सिटी थाना सोनीपत में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 305 के तहत उनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई। कमल हुड्डा प्रधान घोषित, उपप्रधान की दलील खारिज ट्रिब्यूनल ने स्पष्ट किया कि, चूंकि अब केवल एक उम्मीदवार शेष है, इसलिए कमल हुड्डा को नए चुनाव तक प्रधान नियुक्त किया जाता है। साथ ही उपप्रधान द्वारा कार्यभार संभालने की दलील को यह कहते हुए खारिज कर दिया गया कि यह अधिकार केवल सीमित परिस्थितियों में ही लागू होता है। अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश ट्रिब्यूनल ने मामले को गंभीर मानते हुए अनिल ढुल के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने की सिफारिश भी की है। आदेश की प्रतियां सभी संबंधित पक्षों और जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सोनीपत को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। फैसले का स्वागत, बोले-सच्चाई की हुई जीत तत्कालीन मुख्य चुनाव अधिकारी अनूप दहिया ने ट्रिब्यूनल के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि बार चुनाव में गड़बड़ी करने का प्रयास किया गया था, लेकिन आखिरकार सच्चाई सामने आ गई और दोषियों को कड़ा संदेश मिला है। अनिल ढुल का पलटवार, बोले-हाईकोर्ट में देंगे चुनौती वहीं, अनिल ढुल ने ट्रिब्यूनल के फैसले को असंवैधानिक और एकतरफा बताते हुए कहा कि ऐसा कोई नियम नहीं है, जिसमें एक्टिंग प्रधान को बीच में हटाया जा सके। उन्होंने कहा कि वह वर्तमान प्रधान सोनू भारद्वाज के साथ मिलकर इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।