सोनीपत जिले के मुरथल क्षेत्र में वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अवैध रूप से खैर की लकड़ी ले जा रहे एक ट्रक को पकड़कर बड़ा खुलासा किया गया है। गश्त के दौरान मिली गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में ट्रक से भारी मात्रा में लकड़ी बरामद हुई, जिसके कोई वैध दस्तावेज ड्राइवर पेश नहीं कर सका। प्रारंभिक जांच में यह मामला अवैध कटान और चोरी की लकड़ी से जुड़ा सामने आ रहा है। पुलिस ने केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। गुप्त सूचना पर NH-44 से ट्रक काबू वन विभाग की टीम को 19 मार्च की शाम करीब 7:15 बजे गश्त के दौरान सूचना मिली कि मुरथल स्थित मान ढाबा की पार्किंग में एक संदिग्ध ट्रक खड़ा है। मौके पर पहुंचकर टीम ने ट्रक नंबर RJ 11GD 2874 को जांच के लिए रोका, जिसमें खैर की लकड़ी भरी हुई थी। वन विभाग की टीम ने मौके पर की कार्रवाई कार्रवाई के दौरान वन दरोगा रोहित, वन दरोगा विशाल और वन राजिक अधिकारी नरेश की टीम ने संयुक्त रूप से ट्रक को कब्जे में लिया। पूछताछ में ड्राइवर ने अपनी पहचान बलबीर यादव निवासी मैनपुरी (उत्तर प्रदेश) के रूप में बताई।
लकड़ी के नहीं मिले कोई वैध दस्तावेज जब ड्राइवर से लकड़ी के कागजात मांगे गए, तो वह कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। ड्राइवर ने कागजात लाने के लिए समय मांगा, लेकिन अगले दिन 20 मार्च तक भी वह कोई प्रमाण पेश नहीं कर पाया, जिससे लकड़ी के अवैध होने की पुष्टि हुई। 258 लकड़ी के टुकड़े और कैश बरामद वन विभाग द्वारा ट्रक का वजन करवाया गया, जिसकी पर्ची संख्या 13929 20 मार्च 2026 है। जांच में ट्रक से कुल 258 खैर की लकड़ी के टुकड़े बरामद हुए। इसके अलावा ड्राइवर से 14,680 रुपए नकद, ट्रक के दस्तावेज और अन्य कागजात भी कब्जे में लिए गए। वन अधिनियम और BNS के तहत केस मामले में भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 32, 33, 52 और 77 के तहत कार्रवाई की गई है। साथ ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) और 317(2) के तहत थाना मुरथल में दर्ज किया गया। मामले की आगे की जांच के लिए केस फाइल PSI प्रवीन और HC कुलदीप को सौंप दी गई है। पुलिस ने संबंधित अधिकारियों को सूचित कर दिया है और मामले की गंभीरता को देखते हुए गहन जांच शुरू कर दी गई है। अवैध लकड़ी तस्करी पर सख्ती के संकेत इस कार्रवाई के बाद साफ संकेत मिल रहे हैं कि मुरथल और आसपास के क्षेत्रों में अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ सख्ती बढ़ाई जा रही है। वन विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई आगे भी जारी रहने की संभावना है।