सोनीपत के बहालगढ़ क्षेत्र स्थित ओमैक्स सिटी में प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद में एक व्यक्ति को जबरदस्ती बंधक बनाने और मारपीट करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि विवाद के दौरान पीड़ित के साथ हाथापाई की गई, उसका दांत तोड़ दिया गया और जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायत के आधार पर थाना बहालगढ़ पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सोनीपत के सेक्टर 12 पार्ट-3 निवासी डॉ. वीरेंद्र अहलावत ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 9 फरवरी की शाम उन्हें सुनील नैन ने दो बार फोन कर ओमैक्स बी-ब्लॉक स्थित प्लॉट नंबर 681 पर बुलाया। बीच में नरेंद्र ने भी कॉल किया। शाम करीब 5:14 बजे वे सुनील नैन के प्रॉपर्टी डीलर कार्यालय पहुंचे, जहां सुनील नैन, नरेंद्र और चिराग पहले से मौजूद थे। वहां पहुंचते ही उनसे दीवार निर्माण के खर्च का भुगतान करने को कहा गया। डॉ. अहलावत ने अपने प्लॉट नंबर 680 की दीवार में खामियां होने की बात कहकर पहले सुधार की मांग रखी, जिस पर विवाद बढ़ गया।
मारपीट और जबरन रोकने का आरोप डॉ. अहलावत का आरोप है कि बातचीत के दौरान तीनों ने उनके साथ अभद्र भाषा में व्यवहार किया। इसी बीच सुनील नैन ने उनके चेहरे पर घूंसा मारा और लाठी उठाने की कोशिश की। उनका कॉलर पकड़ लिया गया और जब वे बाहर निकलने लगे तो चिराग ने दरवाजा बंद कर दिया। आरोप है कि तीनों ने उन्हें जबरन वापस लॉन में ले जाकर मारपीट की, जेबें टटोलीं और मोबाइल छीनने की कोशिश की। मारपीट के दौरान उनके मुंह से खून निकला और एक दांत टूट गया। इस दौरान ओमैक्स का एक मैनेजर भी मौके पर पहुंचा, जिसे सुनील नैन का परिचित बताया गया है। पुलिस को दी सूचना, मौके पर पहुंची टीम शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने कई बार पुलिस को फोन मिलाने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने 112 नंबर पर कॉल कर लोकेशन साझा की और अपनी पत्नी को भी सूचना दी। थोड़ी देर बाद 112 की टीम और थाना बहालगढ़ के एसएचओ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मौके पर सीसीटीवी फुटेज देखी, जिसमें मारपीट की घटना दिखाई देने की बात कही गई है। पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 9 फरवरी 2026 को दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग शिकायतें दी गईं। प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध पाया गया और रोजनामचा में रिपोर्ट दर्ज की गई। सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल लीगल रिपोर्ट (MLR), डेंटल ओपिनियन और मौके की जांच के आधार पर अब धारा 115(2), 117(2), 351(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। जांच की जिम्मेदारी एएसआई राजू को सौंपी गई है।