सोनीपत में 44 घंटे से 250-फीट ऊंचे टावर पर किसान:बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में चढ़ा; भूखा-प्यासा रहने से बिगड़ रही तबीयत

सोनीपत जिले के गांव असावरपुर में एक किसान पिछले तीन दिनों से करीब 250 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़कर अपने घर पर हो रही बुलडोजर कार्रवाई का विरोध कर रहा है। करीब 44 घंटे से अधिक समय से वह भूखा-प्यासा टावर पर बैठा है और नीचे उतरने से साफ इनकार कर दिया है। किसान का कहना है कि जब तक कोई बड़ा अधिकारी लिखित में कार्रवाई रोकने का आश्वासन या वैकल्पिक जमीन नहीं देता, वह नीचे नहीं आएगा। वहीं, उसकी बिगड़ती तबीयत और परिवार की चिंता के बीच ग्रामीणों का आक्रोश भी लगातार बढ़ता जा रहा है।
हालत बिगड़ने की आशंका किसान सुनील मंगलवार दोपहर से ही टावर पर बैठा हुआ है और अब तक कुछ भी खाना नहीं खाया है। बताया जा रहा है कि उसने केवल थोड़ा बहुत पानी ही पिया है। लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहने के कारण उसे चक्कर आने लगे हैं और तबीयत लगातार बिगड़ रही है, जिससे परिजनों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। पत्नी बोलीं- प्रशासन ने नहीं ली सुध किसान की पत्नी पूनम ने प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि अब तक ना कोई नेता मौके पर पहुंचा है और ना ही प्रशासन ने उनके पति की सुध ली है। उन्होंने आरोप लगाया कि टावर के नीचे पुलिस तैनात है और उनके पति तक खाना भी नहीं जाने दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि अगर उनके पति को कुछ होता है, तो इसके लिए प्रशासन और सरकार जिम्मेदार होगी। महिलाएं सड़क पर, गांव में बढ़ा आक्रोश प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में गांव की महिलाएं भी सड़क पर उतर आई हैं और विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। ग्रामीणों ने पंचायत की बैठक बुलाई है, जिसमें आगे की रणनीति तय की जा रही है। ग्रामीणों द्वारा प्रशासन को दिया गया 24 घंटे का समय भी पूरा हो चुका है, जिससे अब बड़ा फैसला लिए जाने के संकेत मिल रहे हैं। बुलडोजर कार्रवाई से विवाद शुरू मंगलवार को हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की टीम सरकारी जमीन पर बने करीब 150 अवैध घरों को हटाने पहुंची थी। सबसे पहले किसान के घर और नीचे बने स्कूल पर कार्रवाई की जानी थी। टीम ने स्कूल के एक कमरे को तोड़ दिया, जिससे हंगामा हो गया। इस स्कूल में करीब 150 बच्चे पढ़ते हैं, हालांकि जिला शिक्षा अधिकारी के अनुसार अगले सत्र के लिए इसकी मान्यता पहले ही रद्द की जा चुकी है। मोबाइल बंद, संपर्क टूटा किसान अपने साथ मोबाइल फोन लेकर टावर पर चढ़ा था, लेकिन अब उसका फोन भी बंद हो चुका है। इससे परिवार और ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है, क्योंकि उनसे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला… अवैध कब्जा हटाने पहुंची थी HSVP टीम: नेशनल हाईवे-44 से सटे गांव असवारपुर में एचएसवीपी की टीम मंगलवार को अवैध कब्जा हटाने पहुंची थी। वहां के रहने वाले सुनील (48) ने जैसे ही टीम को बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंचते देखा, वह सीधे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। उसकी इस हरकत से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। टावर से कूदने की धमकी दी: ग्रामीण सुनील लगभग 250 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया बैठ गया। प्रशासनिक कार्रवाई से आक्रोशित सुनील ने टावर से कूदकर जान देने की धमकी दी, जिसके चलते मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासन को तुरंत कार्रवाई रोकनी पड़ी। घर के नीचे चल रहा था स्कूल: जिला एचएसवीपी (HSVP) प्रशासन उसके घर और उसके ऊपर के फ्लोर पर बने स्कूल के कमरों को गिराने पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान उसकी भाभी और स्कूल संचालक सोमिल प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठ गई। बताया गया कि बीआर जेड स्कूल में 8वीं कक्षा के 150 बच्चे पढ़ते हैं। प्रशासन ने स्कूल के एक कमरे को गिरा दिया। इसके बाद गांव में हंगामा तेज हो गया। महिला की आत्मदाह की धमकी: सोमिल ने अपने परिवार के साथ आत्मदाह करने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि अगर उनके मकान और स्कूल को पूरी तरह तोड़ा गया तो वे बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगी। उधर, पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी काफी देर तक सुनील को नीचे उतरने की बात समझाने के बाद वहां से चले गए। महिला बोली-1962 से रह रहे: सोमिल का कहना है कि जिस जमीन पर वह रह रहे हैं। वह उनकी पुश्तैनी जमीन है और उस पर 1962 से मालिकाना हक है। जबकि सोनीपत से प्रशासन इसे सरकारी जमीन बता रहा है।
यहां जानिए कार्रवाई और विरोध क्यों… 2006 से चला आ रहा है जमीन विवाद: एचएसएसवीपी (HSVP) के अधिकारी सिद्धार्थ ने बताया कि संबंधित जमीन का अधिग्रहण 2 मार्च 2006 को किया गया था। इसके बाद से ही इस जमीन को लेकर लगातार कोर्ट में विवाद चलता रहा। जमीन मालिक कई बार अलग-अलग कोर्ट पहुंचे, लेकिन वो हर बार हारे। हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक केस खारिज: सुनील ने मामले को लेकर पहले हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी, लेकिन वहां से राहत नहीं मिली। इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां से भी याचिका खारिज कर दी गई। इतना ही नहीं, एचएसएसवीपी (HSVP) में भी अपील की गई, लेकिन वहां से भी केस रिजेक्ट हो चुका है। 60 मीटर रोड प्रोजेक्ट में आ रही है जमीन: यह जमीन 60 मीटर चौड़ी सड़क के एलाइनमेंट में आती है, जिसके चलते इसे खाली कराना जरूरी है। प्रशासन का कहना है कि संबंधित व्यक्ति और अन्य लोग इस जमीन पर अवैध कब्जा कर रखे हैं। कई बार नोटिस देने और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद ही यह कार्रवाई की जा रही थी। अभी भी ले सकते मुआवजा: एचएसएसवीपी (HSVP) के अधिकारी सिद्धार्थ ने बताया कि यदि जमीन मालिक अभी भी मुआवजा लेना चाहते हैं, तो वे आवेदन कर सकते हैं। लेकिन, उन्हें वर्ष 2006 के निर्धारित रेट के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा, जो करीब 12.50 लाख रुपये प्रति एकड़ तय किया गया था।

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