यूपी विधानसभा में बजट सत्र के 8वें दिन बुधवार को चर्चा जारी है। सपा विधायक अतुल प्रधान ने सिंचाई के लिए किसानों को मुफ्त बिजली नहीं देने का मामला उठाया। उन्होंने कहा- दो साल में 5 लाख किसानों को बाहर कर दिया गया। उनके नाम जोड़े तक नहीं गए। इस पर मंत्री एके शर्मा ने आंकड़े गिनाए और कहा- वे किसान बाहर किए गए होंगे जिन्होंने आवेदन नहीं किया होगा। इस पर प्रधान ने कहा कि मंत्री झूठ बोल रहे। झूठ शब्द पर स्पीकर सतीश महाना ने आपत्ति जताई। इसी बीच सपा विधायक ओम प्रकाश सिंह भी बिजली मंत्री के आंकड़ों पर आपत्ति जताते हुए खड़े हो गए। इस पर स्पीकर ने कहा- क्या आपका पर्सनल मामला है, आप और किसी के खिलाफ नहीं खड़े होते, लेकिन मंत्री के खिलाफ तुरंत खड़े होते हैं। ये दोस्ती, रिश्तेदारी सदन के बाहर निभाइएगा। इसी दौरान शिवपाल यादव भी खड़े हो गए। उन्होंने कहा- मंत्री जी ऐसा कह रहे जैसे 2017 में कोई काम ही नहीं हुआ। मंत्री जी असत्य बोलते हैं और हमेशा बहुत अधिक बोलते हैं। मजाकिया मूड में अध्यक्ष ने कहा- आप थोड़ा एडजस्ट कर लीजिए। अधिकारियों द्वारा विधायकों का फोन नहीं उठाने के मुद्दे पर स्पीकर ने कहा- यह गलत है। जनप्रतिनिधि अगर जनहित के कार्यों के लिए फोन करते हैं तो अधिकारी को न केवल फोन रिसीव करना होगा बल्कि उचित सम्मान भी देना है। दरअसल, मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा था-दरोगा तक हमारा फोन नहीं उठाते हैं। अब सदन ही पुलिस अधिकारियों को आदेश दे। हालांकि, जवाब देते हुए मंत्री असीम अरुण ने कहा था-कुछ मंत्री बदतमीज हो सकते हैं लेकिन कुछ अन्य व्यस्तताओं या स्वास्थ्य कारणों से भी फोन नहीं रिसीव किए होंगे। इसके पहले सपा विधायक अनिल प्रधान ने अपने क्षेत्र की खराब सड़कों का मुद्दा उठाया तो मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि यह सपा की नहीं योगी सरकार है। पहले 8 साल में सड़कों का नवीनीकरण होता था लेकिन अब 5 साल में ही हो जा रहा। मंत्री ने बताया- खनन की वजह से कुछ सड़कें जल्दी टूट रहीं। चित्रकूट में नवीनीकरण में 26 करोड़ 80 लाख रुपए आवंटित किया गया। बुधवार को विधानसभा में क्या-क्या हो रहा? जानने के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…