लुधियाना में रविवार को हुई कांग्रेस के ब्लॉक प्रधान परमिंदर तिवारी की हत्या के पीछे पुलिस प्रॉपर्टी विवाद बता रही है। लेकिन परिजन पुलिस की थ्योरी से सहमत नहीं हैं। परिजन इसे सुपारी किलिंग का मामला बता रहे हैं। हत्यारों ने परमिंदर तिवारी की हत्या से पहले उन्हें नमस्ते की। उसके बाद अचानक कुल्हाड़ी से उनके सिर पर वार कर दिया। 5 मिनट बाद ही तिवारी के मोबाइल पर इंटरनेशनल कॉल आई और पूछा कि तिवारी कैसा है? तिवारी के दोस्त नंद किशोर कौशल का दावा है कि यह कॉल तिवारी के बेटे ने रिसीव की और उसके तुरंत बाद बेटे ने उन्हें फोन कर इस बात की जानकारी दी। कौशल का कहना है कि यह प्रॉपर्टी विवाद है ही नहीं, उनकी हत्या सुपारी देकर करवाई गई है। परिवार ने साफ कर दिया कि जब तक पुलिस ने हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया, तब तक वे न तो पोस्टमॉर्टम करवाएंगे और न ही अंतिम संस्कार होगा। वहीं, पुलिस ने आरोपी की पहचान कर उसके खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर दिया है। एडीसीपी जशनदीप सिंह ने कहा कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापे मारे जा रहे हैं। पुलिस जल्द इस मामले में खुलासा करेगी। स्कूल चलाते थे, किराए के क्वार्टर भी बनवाए
परमिंदर तिवारी तखरां गांव में सीनियर सेकेंडरी स्कूल चलाते थे, जो कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त है। उन्होंने तखरां में माछीवाड़ा रोड के नजदीक वर्कर क्वार्टर भी बनाए हैं, जो उन्होंने किराए पर दिए हैं। क्वार्टरों की देखरेख के लिए वह रोज शाम के समय वहां आते थे। प्रत्यक्षदर्शी महिला ने बताया हत्या का क्राइम सीन… हत्यारों ने पहले गांव में की रेकी
तिवारी के दोस्त नंद किशोर कौशल ने बताया कि पता चला है कि आरोपियों ने पहले गांव में भी रेकी की। वे दिन में डेढ़ बजे से नशे में कुल्हाड़ी लेकर घूम रहे थे। पहले सरपंच के घर के आसपास भी गए और फिर जाते हुए उन्होंने तिवारी पर हमला कर दिया। परिजन बोले- हत्यारों की गिरफ्तारी तक अंतिम संस्कार नहीं
परिजनों का कहना है कि पुलिस ने हत्यारे की पहचान कर ली है। इसके बाद भी उसकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने साफ कर दिया कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक पोस्टमॉर्टम और संस्कार नहीं कराएंगे। अभी परमिंदर का शव लुधियाना के फॉर्टिस अस्पताल में रखा गया है। पुलिस मामले को प्रॉपर्टी विवाद क्यों बता रही
गांव की सरपंच के पति जगदीश सिंह ने बताया कि आरोपी विजय कुमार ने पंचायत की जमीन पर कब्जा कर घर बनाया है। उसी जमीन पर एक कमरा पंचायत का था। आरोपी ने करीब डेढ़ साल पहले उसे तोड़ दिया, जिसका गांव के लोगों व पंचायत ने विरोध किया था। इस बात को लेकर बहस हुई थी और मामला कोर्ट में चला गया था। उसके बाद से कभी कोई विवाद नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि जब विवाद हुआ था, उस समय परमिंदर ने भी इसका विरोध किया था। हालांकि, यह कहना मुश्किल है कि उनकी हत्या की यही वजह है। ग्रामीण बताते हैं कि तिवारी ने ही जगदीश सिंह की पत्नी का समर्थन कर उन्हें सरपंच बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। इसलिए, लोगों को सरपंच से कोई काम करवाना होता था तो वह तिवारी से ही संपर्क करते थे। पुलिस इसी वजह से इसे प्रॉपर्टी विवाद में हुई हत्या बता रही है। ——– यह खबर भी पढ़ें… लुधियाना- प्रॉपर्टी विवाद में कांग्रेस नेता की हत्या:पार्टी के वर्कर बोले- आरोपी की गिरफ्तारी तक पोस्टमॉर्टम नहीं होगा; पत्नी बेसुध लुधियाना में कांग्रेस ब्लॉक प्रधान परमिंदर तिवारी की हत्या में बड़ा खुलासा हुआ। एडीसीपी जश्नदीप सिंह गिल ने बताया कि तिवारी की हत्या प्रॉपर्टी विवाद में हुई। इस वारदात को खोखरा के रहने वाले विजय कुमार नाम के व्यक्ति ने अंजाम दिया। पूरी खबर पढ़ें…