हरियाणा में 16 मार्च को राज्यसभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों एक्टिव है। कांग्रेस के 37 में से 31 विधायक शिमला के गलू स्थित ट्विन टावर में होटल में ठहराए गए हैं। शनिवार सुबह कुछ विधायकों के बाहर मॉर्निंग वॉक की इच्छा जाहिर की, लेकिन उन्हें परमिशन नहीं दी गई। दोपहर डेढ़ बजे विधायकों को टेम्पो ट्रैवलर से 30 किलोमीटर दूर चायल स्थित वेलकम होटल में ले जाया गया है। करीब 5 घंटे बाद विधायक वापस लौटे। सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने रणदीप सुरजेवाला के विधायक बेटे आदित्य की SUV रुबिकॉन को ड्राइव किया। उनकी बगल में बेरी विधायक रघुबीर कादियान बैठे। वहीं भाजपा ने भी चंडीगढ़ में विधायकों के लिए होटल बुक किया। यहां विधायकों को ट्रेनिंग दी गई। शाम को विधायक लौट गए। राज्यसभा चुनाव को लेकर आज के बड़े अपडेट्स… मंत्री कृष्ण बेदी चुनाव एजेंट बनाए भाजपा ने कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी को चुनाव एजेंट बनाया गया है। कैबिनेट मंत्री रणवीर गंगवा और विधायक योगेंद्र राणा को काउंटिंग एजेंट नियुक्त किया गया है। पार्टी प्रतिनिधि एवं पार्टी एर्जेंट के तौर पर खेल मंत्री गौरव गौतम और विधायक सुनील सांगवान जिम्मेदारी दी गई। काउंटिंग एजेंट चेतन मित्तल और विधायक घनश्याम अरोड़ा को लगाया है। भाजपा विधायकों को चंडीगढ़ में ट्रेनिंग दी भाजपा ने विधायकों के लिए चंडीगढ़ में जेडब्ल्यू मैरियट होटल बुक किया है। शनिवार को विधायकों को यहां ट्रेनिंग दी गई। स्पीकर हरविंद्र कल्याण मां के निधन और मंत्री अनिल विज पैरों में फैक्चर के कारण नहीं ट्रेनिंग में नहीं पहुंचे। मुख्यमंत्री नायब सैनी समेत बाकी 46 विधायक होटल में मौजूद रहे। कांग्रेस विधायकों ने वोट डालने की प्रैक्टिस की गलू स्थित ट्विन टावर होटल में कांग्रेस विधायकों ने ब्रेक फास्ट में इडली-सांबर और देसी घी के परांठे खाए। शतरंज खेला। आपस में हंसी-मजाक भी किया। कुछ महिला विधायकों ने वादियों की बैकग्राउंड में फोटो सेशन भी करवाया। लंच से पहले सभी विधायकों को एक जगह बुलाया गया, जहां वोट डालने की रिहर्सल करवाई गई। इस दौरान प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने पर्यवेक्षक की भूमिका निभाई। विधायकों से मिले CM सुक्खू के पॉलिटिकल एडवाइजर हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के पॉलिटिकल एडवाइजर सुनील बिट्टू शनिवार सुबह होटल ट्विन टावर पहुंचे। यहां उन्होंने कांग्रेस विधायकों से मुलाकात की। यहां पढ़िए दीपेंद्र के एक्टिव होने की 3 वजहें… 1. हुड्डा फैक्टर: संगठन और विधायकों को साथ रखने की कोशिश कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का प्रभाव अभी भी मजबूत माना जाता है। राज्यसभा चुनाव को लेकर पार्टी के भीतर अलग-अलग राय की चर्चा हो रही है। ऐसे में दीपेंद्र ने खुद मोर्चा संभालकर विधायकों को एकजुट रखने और नेतृत्व का भरोसा मजबूत करने की कोशिश की। दरअसल, इस पूरे चुनाव पर पार्टी हाईकमान पूरी मॉनिटरिंग कर रहा है, ऐसे में यदि कोई गड़बड़ी होती है तो सीधे तौर पर हुड्डा के ऊपर बात आएगी। 2. दो घटनाओं ने किया अलर्ट हरियाणा की राजनीति में पहले भी ऐसे मौके आए हैं, जब आखिरी समय में समीकरण बिगड़ने से कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ा। क्रॉस वोटिंग और विधायकों की टूट की वजह से पार्टी साल 2016 और 2022 में राज्यसभा में हार झेल चुकी है। इसी अनुभव को देखते हुए इस बार नेतृत्व कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। यही वजह है कि पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने बेटे दीपेंद्र को लास्ट मूवमेंट में आगे कर दिया। 3. उम्मीदवार हारे तो राहुल की नाराजगी का डर कांग्रेस हाईकमान इस चुनाव को प्रतिष्ठा का सवाल मान रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि राहुल गांधी ने खुद अपनी पसंद का उम्मीदवार चुनाव में उतारा है। अगर पार्टी का उम्मीदवार हार जाता है तो इसकी सीधी राजनीतिक जिम्मेदारी राज्य नेतृत्व पर आती और राहुल की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। इसी वजह से आखिरी समय में सख्त रणनीति बनाकर विधायकों को हरियाणा से बाहर शिफ्ट किया गया। जानिए कांग्रेस हाईकमान ने किसे क्या जिम्मेदारी दी 4 सांसद विधायकों के साथ गए विधायकों के साथ रोहतक सांसद दीपेंद्र हुड्डा, हिसार सांसद जयप्रकाश जेपी, अंबाला सांसद वरुण चौधरी और सोनीपत सांसद सतपाल ब्रह्मचारी को भेजा गया है। वरुण की पत्नी पूजा चौधरी मुलाना तो जेपी के बेटे विकास सहारण कलायत से विधायक हैं। राज्यसभा सांसद रणदीप सुरजेवाला के बेटे आदित्य सुरजेवाला कैथल से विधायक हैं। हालांकि रणदीप सिर्फ नॉमिनेशन वाले दिन ही नजर आए। हुड्डा व हरिप्रसाद खुद देखेंगे वोट पर्यवेक्षक के रूप में खुद भूपेंद्र सिंह हुड्डा और पार्टी के हरियाणा मामलों के प्रभारी बीके हरिप्रसाद को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यानी सभी विधायक अपना वोट इन नेताओं को देखेंगे,ताकि क्रॉस वोटिंग की संभावना न रहे। राज्यसभा चुनाव में ओपन वोटिंग होती है। दोनों चंडीगढ़ में रहकर मोर्चा संभालेंगे। प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह व आदमपुर से विधायक चंद्रप्रकाश को पोलिंग एजेंट बनाया है। थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा को मतगणना एजेंट बनाया है। रोज हाईकमान से संपर्क होगा, वोटिंग की रिहर्सल होगी विधायकों को एकजुट और मोटिवेट करने के लिए रोजाना हाईकमान की ओर से संदेश आएगा। इसके अलावा वोट रद्द होने की संभावना को टालने के लिए वोट डालने की रिहर्सल भी करवाई जाएगी।
यहां समझिए क्या है BJP की प्लानिंग