हरियाणा के सरकारी विभागों में करोड़ों रुपए के गबन के बड़े खेल का खुलासा होने के बाद अब सरकार ने ‘ऑपरेशन क्लीन’ शुरू कर दिया है। वित्त विभाग सभी विभागों के बैंक खातों का ‘खाका’ तैयार कर रहा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि कई विभागों ने लंबे समय तक करोड़ों रुपए करंट अकाउंट में रखे, जिनका गलत इस्तेमाल हुआ। सरकार अब उन विभागों की सूची तैयार कर रही है जिनके फंड के साथ छेड़छाड़ की गई है। बैंकों के इस गबन मामले की जांच के लिए सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की है और अब केंद्र सरकार के हरी झंडी का इंतजार है। वहीं, कोटक मामले में गिरफ्तार आरोपी रजत धारा को विजिलेंस की एसआईटी वीरवार को रिमांड के बाद पेश करेगी। रजत धारा के बैंक खाते में 70 करोड़ रुपए से ज्यादा की एंट्री के सबूत विजिलेंस को मिला है। जांच के दौरान पता चला कि रजत धारा के बैंक खाते से करोड़ों रुपये दो निजी व्यक्तियों के खातों में ट्रांसफर किए गए। {शेष पेज 6 पर एक फैसले ने बचा लिए नगर निगम के 158 करोड़; कोटक बैंक के ऑफर में फंसा था पेच बता दें कि फरवरी के पहले हफ्ते में कोटक बैंक के अधिकारी नगर निगम कमिशनर आईआरपीएस विनय कुमार के ज्वाइनिंग के कुछ दिन बाद ही उनके पास करोड़ों की एफडी रिन्यू करवाने पहुंचे थे। बैंक अधिकारी ने सबसे ज्यादा एफडी पर ब्याज रेड करीब साढ़े आठ प्रतिशत देने की बात कही थी। इसके बाद नगर निगम कमिशनर ने एक कमेटी बना दी और कमेटी को सरकारी व गैर सरकारी बैंकों से कोटेशन लेने को कहा। सभी बैंकों के कोटेशन आने के बाद 17 फरवरी को सभी कोटेशन को सील कर उसे सीसीटीवी कैमरों की लगातार रिकॉर्डिंग का निगरानी में रख दिया। उसके अगले दिन 18 फरवरी को सरकार को सूचना मिली कि आईडीएफसी बैंक में करोड़ों के गबन का मामला सामने आया है। जिसके बाद सरकार ने सभी विभागों के अधिकारियों को इसकी सूचना दे दी। 18 फरवरी को ही नगर निगम कमिशनर ने सरकार के अगले निर्देश तक एफडी को रिन्यू करने पर रोक लगा दी, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। बता दें कि फरवरी के पहले हफ्ते में ही में आईआरपीएस विनय कुमार को पंचकूला नगर निगम का चार्ज मिला था। निगम कमिशनर विनय कुमार ने बताया कि एफडी के कुछ निर्देशों के बारे में जानकारी होने और सरकार की ओर से निर्देश जारी किए जाने के कारण पहले कोटक बैंक से पैसा वापस करने को कहा पर पैसा वापस नहीं मिलने पर 158 करोड़ का गबन का मामला सामने आया। {सरकार अब उन विभागों की सूची तैयार कर रही है जिनके फंड के साथ छेड़छाड़ की गई है एक फैसले ने बचा लिए नगर निगम के 158 करोड़; कोटक बैंक के ऑफर में फंसा था पेच मामले में एक और गिरफ्तारी… नगर निगम पंचकूला में करोड़ों रुपए के गबन मामले की जांच में एक और गिरफ्तारी हुई है। पुलिस ने राजपुरा निवासी कपिल को सरहिंद से गिरफ्तार किया है। जांच के अनुसार, कपिल के बैंक खाते में नगर निगम पंचकूला के खाते से 2.36 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए गए थे। राजपुरा में रजत धारा ने कुछ समय पहले मोबाइल की दुकान खोली थी। वहां पर कपिल एक निजी टेलीकॉम कंपनी में बतौर रिलेशनशिप मैनेजर कार्यरत था। कपिल का रजत की मोबाइल दुकान पर आना जाना था और उसी दौराम दोनों की दोस्ती हुई। दोस्ती के दौरान ही रजत ने कपिल का बैंक खाता लिया और उसमें पैसा ट्रांसफर किया।