हरियाणा के जेल वॉडरों की वर्दी में लगेंगे हाईटेक कैमरे:खरीद की मंजूरी; कैदियों की हर एक्टिविटी होगी रिकॉर्ड, फिर होगा रिव्यू

हरियाणा सरकार जेल सिक्योरिटी सिस्टम को और मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। नए वित्तीय वर्ष में प्रदेश की सभी जिला जेलों में तैनात जेल वार्डरों को बॉडी वार्न कैमरों से लैस किया जाएगा। इस योजना के तहत करीब 3 हजार हाईटेक कैमरे खरीदे जाएंगे, जिनके लिए बजट स्वीकृत हो चुका है और अप्रैल में टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस पहल से जेलों में बंद गैंगस्टरों और उनके गुर्गों के साथ संभावित सांठगांठ पर रोक लगाना है। सरकार के इस फैसले से कैदियों की हर एक्टिविटी रिकॉर्ड की जाएगी और फिर इसका रिव्यू भी किया जाएगा, जिससे बेहतर फैसले लिए जा सके। 4 जेलों में हुए मामलों के बाद फैसला अतीत में गुरुग्राम की भोंडसी, रोहतक की सुनारिया, फरीदाबाद की नीमका और अंबाला की सेंट्रल जेल से ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां कैदियों ने जेल के भीतर रहते हुए बाहरी आपराधिक गतिविधियों को अंजाम दिया। कुछ मामलों में जेल कर्मचारियों की संलिप्तता भी उजागर हुई, जिसमें मोबाइल फोन और मादक पदार्थों की सप्लाई तक शामिल रही। करीब चार साल पहले भोंडसी जेल में 20 से अधिक वार्डरों को कैदियों से सांठगांठ के आरोप में निलंबित किया गया था, जिनमें से 10 की सेवाएं समाप्त कर दी गई थी। ऐसे मामलों को रोकने के लिए अब तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। बाडी वार्न कैमरे वार्डरों के कंधे पर लगाए जाएंगे, जो उनकी हर गतिविधि रिकार्ड करेंगे। क्या होता है बॉडी वॉन कैमरा बॉडी-वर्न कैमरे छोटे, हल्के और पहनने योग्य ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग उपकरण हैं, जिन्हें आमतौर पर पुलिस, सुरक्षा कर्मियों या फ्रंटलाइन वर्कर्स द्वारा अपनी वर्दी, छाती, कंधे या हेलमेट पर लगाया जाता है। ये कैमरे लाइव घटनाओं, साक्ष्यों और बातचीत को वास्तविक समय में रिकॉर्ड करते हैं, जो पारदर्शिता बढ़ाने और कानूनी कार्यवाही में सबूत के तौर पर काम आते हैं। बॉडी-वर्न कैमरों की मुख्य विशेषताएं ये डिवाइस हाई-डेफिनिशन (HD) वीडियो और ऑडियो रिकॉर्ड करते हैं। इनके लेंस का दृश्य कोण व्यापक होता है, जिससे सामने की पूरी गतिविधि कैद हो सके। कई कैमरों में इन्फ्रारेड तकनीक होती है, जो अंधेरे या कम रोशनी में भी स्पष्ट रिकॉर्डिंग कर सकती है। ये मजबूत होते हैं और कठिन मौसम या मैदानी परिस्थितियों में भी काम कर सकते हैं। इनमें लंबी अवधि तक चलने वाली बैटरी होती है, जो पूरी शिफ्ट (अक्सर 8-10 घंटे) के लिए पर्याप्त होती है। रिकॉर्ड किए गए डाटा को लैपटॉप या सर्वर पर सुरक्षित रूप से ट्रांसफर किया जा सकता है, और कई बार यह एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड होता है। बॉडी-वर्न कैमरों का ये होगा यूज पुलिस और सुरक्षा बल जनता के साथ अपनी बातचीत और अपराध स्थलों को रिकॉर्ड करने के लिए इसका उपयोग करते हैं, जिससे जवाबदेही बनी रहती है। निजी सुरक्षाकर्मी और डिलीवरी स्टाफ भी अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए इन्हें पहनते हैं। ये कैमरे कोर्ट में आपराधिक मामलों में ठोस सबूत के रूप में कार्य करते हैं। इनका उपयोग प्रशिक्षण और किसी भी घटना के बाद की समीक्षा के लिए किया जा सकता है।

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