हरियाणा के पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता सुरेंद्र सिंह मदान का निधन हो गया। 73 साल के मदान कैथल से दो बार विधायक रहे। मंगलवार रात को वे नोएडा में एक पारिवारिक शादी समारोह में गए, जहां रात करीब 2 बजे अचानक उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई। परिवार के लोग तुरंत उन्हें नजदीकी अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सुरेंद्र के बेटे मानव मदान ने बताया कि उन्हें हार्ट अटैक आया था। उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर को कैथल में प्रताप गेट स्थित कल्याण भूमि में किया जाएगा। राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने सुरेंद्र मदान के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने फेसबुक पर लिखा- ‘बड़े भाई का कर्त्तव्य निभाने वाले सुरेंद्र मदान जी के देहांत की खबर ने झकझोर दिया। पिछले हफ्ते ही कैथल के रोडमैप को लेकर उनसे चर्चा हुई थी।’
3 बच्चों के पिता थे सुरेंद्र मदान सुरेंद्र मदान कैथल की सनसिटी में परिवार के साथ रहते थे। उनके परिवार में पत्नी अनिल मदान, बेटे मानव, पुत्रवधू रश्मि और उनके दो बच्चे रेहान और जैतिक हैं। उनकी बेटियां रितिका और रिया शादीशुदा हैं। पहली बार 1987 में विधायक बने सुरेंद्र मदान ने साल 1987 में पहली बार लोकदल के टिकट पर कैथल से विधायक बनकर सक्रिय राजनीति में कदम रखा था। तब ताऊ देवीलाल ने उन्हें लोक संपर्क व उड्डयन मंत्री बनाया था। 1991 के विधानसभा चुनाव से पहले वे कांग्रेस में शामिल हो गए और दूसरी बार विधायक बने। सुरेंद्र मदान को पंजाबी समाज का एक बड़ा चेहरा माना जाता था। सुरेंद्र मदान ने राजनीतिक करियर में 8 बार पार्टी बदली