हरियाणा के सरकारी डिपार्टमेंट के खातों में 590 करोड़ रुपए के घोटाले के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें मास्टरमाइंड रिभव ऋषि, अभिषेक सिंगला, अभय व स्वाति शामिल हैं। अभी ACB ने ये खुलासा नहीं किया है इनमें कितने IDFC बैंक के कर्मचारी और कितने बाहरी लोग हैं। वहीं, इस फ्रॉड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सरकार को पिछले साल जुलाई में ही इस गड़बड़ी की भनक लग गई थी। इसे लेकर वित्त विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (ACS) ने सभी विभागों को लेटर लिखकर अलर्ट भी किया। चौंकाने वाली बात है कि पंचकूला में मुख्यालय होने के बावजूद 18 सरकारी विभागों के खाते चंडीगढ़ के बैंकों में खोले गए। अब सरकार ने IDFC फर्स्ट बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस को इंपैनल्ड करने की हाई लेवल जांच बैठा दी है। ACB के सूत्रों के मुताबिक कुछ अफसरों की भूमिका संदेह के घेरे में हैं। सवाल ये है कि पंचकूला में मुख्यालय होने के बावजूद कुछ IAS अफसरों ने चंडीगढ़ के बैंकों में खाते खुलवाने की दिलचस्पी क्यों दिखा रहे थे? क्या इन अफसरों को सीधे तौर पर कोई लाभ मिला? इस फ्रॉड पर चल रहे हंगामे के बीच मंगलवार को CM नायब सैनी ने विधानसभा में जानकारी दी कि IDFC फर्स्ट बैंक से बयाज समेत पूरी रकम की रिकवरी हो गई है। ACS का वो लेटर, जिसमें इंटरनल ऑडिट को कहा गया… ACS के लेटर में गड़बड़ी को लेकर क्या लिखा… अब 3 पाइंट में समझिए गड़बड़ की तीन कड़ी… स्टॉक एक्सचेंज को लिखे लेटर से खुला घोटाला IDFC बैंक ने खुद स्टॉक एक्सचेंज को फरवरी माह में पत्र लिखकर 590 करोड़ रुपए का फ्रॉड होने का खुलासा किया। इसके बाद हरियाणा सरकार के IAS अफसरों में हड़कंप मच गया। क्योंकि इस चोरी का पता हरियाणा सरकार के वित्त विभाग को साल 2025 में ही चल गया था। लेकिन चोरी पकड़ में आने के बावजूद इसकी जांच नहीं खोली गई। जिसका नतीजा है कि इतने बड़े फ्रॉड को अंजाम दिया गया है। अरुण गुप्ता की अध्यक्षता में कमेटी बनी घोटाले के मामले में गर्वनर के आदेश पर हाई-लेवल जांच कमेटी बनाई गई है। कमेटी की अध्यक्षता वित्त विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी अरुण कुमार गुप्ता करेंगे। इनके अलावा, पंचायत विभाग के डायरेक्टर अनीश यादव, पंचकूला नगर निगम के कमिश्नर विनय कुमार और HPSC के डिप्टी सचिव सतीश कुमार भी शामिल हैं। कमेटी IDFC बैंक और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक को पैनल में शामिल करने की प्रक्रिया और मंजूरी की जांच करेगी। कमेटी यह भी पता लगाएगी कि किन लोगों ने इन बैंकों में पैसे भेजने की अनुमति दी थी। कमेटी यह भी देखेगी कि राज्य सरकार की बैंकिंग नीति इन दोनों बैंकों के लिए सही थी या नहीं। आगे के लिए नई नीति कैसे बनानी है, इस पर भी काम होगा। साथ ही, इस मामले में कौन लोग जिम्मेदार हैं, यह भी पता लगाया जाएगा। इस पूरी जांच के लिए कमेटी को एक महीने का समय दिया गया है। —————— यह खबर भी पढ़ें… हरियाणा में ₹590 करोड़ घोटाले में हाई-लेवल जांच कमेटी बनी: IAS अफसर अरुण गुप्ता लीड करेंगे; सरकारी विभागों के अकाउंट से पैसों की हेराफेरी हुई हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों के बैंक अकाउंट से 590 करोड़ रुपए के घोटाले के मामले में गर्वनर के आदेश पर हाई-लेवल जांच कमेटी बनाई गई है। कमेटी की अध्यक्षता वित्त विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी अरुण कुमार गुप्ता करेंगे। (पूरी खबर पढ़ें)