हरियाणा में सोमवार को 7 नगर निकायों के आम चुनाव और पंचायती राज के 528 पदों पर उपचुनाव की घोषणा हो गई। हरियाणा राज्य चुनाव आयुक्त देवेंद्र कल्याण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सोनीपत-पंचकूला, अंबाला नगर निगम, रेवाड़ी नगर परिषद, उकलाना, धारूहेड़ा व सांपला नगर पालिका में 10 मई को वोटिंग होगी।
13 मई को रिजल्ट आएगा। वोटिंग के ऐलान के साथ ही चुनाव वाले सभी इलाकों में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है। टोहाना के वार्ड-17, झज्जर नगर परिषद के वार्ड-13, राजौंद के वार्ड-11, तरावड़ी के वार्ड-8, कनीना के वार्ड-14 और साढौरा के वार्ड-9 में उपचुनाव भी इसी दिन होंगे। मेयर व चेयरमैन का चुनाव सीधे होगा। 21 अप्रैल से नामांकन भरे जा सकेंगे। पहली बार होगा जब NOTA का बटन तो होगा लेकिन इससे चुनाव नतीजों पर असर नहीं पड़ेगा। वोटिंग EVM से होगी, लेकिन वीवीपैट का इस्तेमाल नहीं होगा। चुनाव ड्यूटी देने वाले कर्मचारियों को अब केंद्रीय चुनाव आयोग के तय दरों के बराबर मानदेय मिलेगा। चुनाव आयुक्त के मुताबिक पानीपत और करनाल जिला परिषद के 1-1 वार्ड, 12 ब्लॉक समिति सदस्यों, 29 सरपंच, 485 पंच पदों के लिए वोटिंग भी 10 मई को होगी। उसी दिन वोटों की गिनती करके नतीजे घोषित हो जाएंगे।
आज से आचार संहिता लागू, तबादलों पर रोक आज से ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। जिन कर्मचारियों की ड्यूटी चुनाव में लगी है, उनके तबादलों पर रोक लगा दी गई है। इसके लिए चीफ सेक्रेटरी को लेटर लिखा गया है। जहां पर चुनाव, सिर्फ वहीं लागू होगी आचार संहिता राज्य चुनाव आयुक्त देवेंद्र कल्याण ने स्पष्ट किया कि सोमवार (13 अप्रैल) से ही आचार संहिता लागू हो गई है। आदर्श आचार संहिता वहीं लागू होगी, जहां चुनाव होने हैं। पंचकूला में 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम प्रस्तावित है, इसके लिए भी अब निर्वाचन अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। इस कार्यक्रम में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन आ रहे हैं। NOTA का प्रयोग होगा, लेकिन नतीजे प्रभावित नहीं होंगे पहले नियम था कि NOTA को सबसे अधिक वोट मिलने की स्थिति में नोटा विजेता बनता था, यानी दोबारा चुनाव कराने का प्रावधान था। इस बार ऐसा नहीं होगा। बल्कि नोटा के वोट निकालकर जिस प्रत्याशी को सबसे ज्यादा वोट मिलेंगे, उसे विजेता घोषित किया जाएगा। यानी नोटा चुनाव नतीजों पर असर नहीं डाल पाएगा। कांग्रेस सिंबल पर लड़ेगी, BJP अध्यक्ष बोले-हम सीरियस सीएलपी लीडर भूपेंद्र सिंह हुड्डा ऐलान कर चुके हैं कि कांग्रेस मेयर का चुनाव पार्टी सिंबल पर लड़ेगी। नगर परिषद व नगरपालिका को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। कांग्रेस के सामने नगर निगम मेयर पद पर खाता खोलने की चुनौती है।
प्रदेश के 11 नगर निगमों में से 10 में भाजपा तो मानेसर में निर्दलीय मेयर हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों ने अंबाला-सोनीपत व पंचकूला के लिए चुनाव प्रभारी नियुक्त किए हैं। संभावित कैंडिडेट से बॉयोडेटा लिए जा चुके हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि BJP इस चुनाव को गंभीरता से लड़ेगी। आने वाले समय में ट्रिपल इंजन की सरकार बनेगी। भाजपा सरकार की उपलब्धियों पर ही वोट मांगेंगे।
अंबाला नगर निगम को लेकर कानूनी नोटिस अंबाला में नगर निगम में आबादी की शर्त पूरी न होने को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग को कानूनी नोटिस भेजा गया है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने यह नोटिस भेजा। जिसमें कहा गया कि नगर निगम के तौर पर चुनाव से पहले न्यूनतम 3 लाख की जनसंख्या पूरी होना कानूनन आवश्यक। 6 अप्रैल 2026 तक अंबाला नगर निगम की आधिकारिक जनंसख्या 2 लाख 58 हजार 776 है। यानी 3 लाख की आबादी की शर्त पूरा करने से 41 हजार कम है। जानिए चुनाव वाले तीनों नगर निगमों की स्थिति…