हरियाणा छात्रवृत्ति घोटाले में खुलासा:पंजाब के कॉलेजों में दिखाए फर्जी एडमिशन , 91 स्टूडेंट के नाम पर ₹44 लाख का फ्रॉड

हरियाणा एंटी करॅप्शन ब्यूरो की टीम ने छात्रवृत्ति घोटाले के एक बड़े मामले में कार्रवाई करते हुए 3 आरोपियों के खिलाफ कैथल कोर्ट में चालान पेश किया है। आरोपी धर्मबीर (बीएल सेंटर संचालक), राजेश कुमार और नवीन कुमार पर आरोप है कि उन्होंने सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से सरकारी छात्रवृत्ति राशि का गबन किया। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने शैक्षणिक सत्र 2013-14 और 2014-15 के दौरान 91 छात्र-छात्राओं के नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाए और उन पर अपना नियंत्रण बनाए रखा। इसके बाद पंजाब के शिक्षण संस्थानों में फर्जी दाखिले दर्शाते हुए छात्रवृत्ति के आवेदन तैयार किए गए। इन आवेदनों पर कॉलेजों की जाली मोहर, प्रिंसिपल के फर्जी हस्ताक्षर और फर्जी हाजिरी रजिस्टर लगाकर दस्तावेजों को वैध दिखाया गया। अपने खातों में ट्रांसफर की रकम इन फर्जी दस्तावेजों को जिला कल्याण अधिकारी, कैथल के कार्यालय में जमा करवाकर छात्रवृत्ति राशि स्वीकृत करवाई गई। आरोपियों ने बायोमैट्रिक, चेक और अन्य माध्यमों से कुल 44 लाख 59 हजार 760 रुपए की राशि निकालकर अपने खातों में ट्रांसफर कर ली, जिससे हरियाणा सरकार और पात्र विद्यार्थियों को आर्थिक नुकसान पहुंचा। साल 2023 में दर्ज हुआ था मामला इस संबंध में 19 दिसंबर 2023 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम व भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान 29 दिसंबर 2025 को धर्मबीर, राजेश कुमार और नवीन कुमार को गिरफ्तार किया गया। इनमें से नवीन कुमार 6 फरवरी 2026 से जमानत पर है, जबकि धर्मबीर और राजेश कुमार फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। मामले में एक अन्य आरोपी, तत्कालीन बैंक अधिकारी हुकम चंद गुप्ता (सेवानिवृत) की गिरफ्तारी अभी लंबित है।

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