हरियाणा के तीन नगर निगमों पंचकूला, अंबाला और सोनीपत में मेयर पद चुनाव के लिए चुनाव आयोग तैयारियाें में जुटा है। इसी बीच कांग्रेस ने चुनाव के लिए बैलेट पेपर की मांग कर डाली है। कांग्रेस मुद्दे को लेकर हाईकोर्ट पहुंची, जहां से निर्देश मिलने के बाद चुनाव आयोग के सामने अपनी आपत्ति दर्ज करवाई है। हरियाणा कांग्रेस के नेता व पंचकूला के पूर्व चेयरमैन रविंद्र रावल ने कुछ दिन पहले आरटीआई से जानकारी हासिल की थी कि चुनाव में किस प्रक्रिया का प्रयोग होगा। जिसमें उन्हें जवाब मिला था कि केवल EVM का प्रयोग, जिसके साथ VVPAT भी नहीं होगी। जिसके बाद चुनाव में पारदर्शिता की मांग को लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट पहुंची। जहां पर उनकी याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने निर्देश दिए कि वे पहले हरियाणा चुनाव आयोग के सामने अपनी आपत्ति दर्ज करवाएं। चुनाव आयोग के द्वारा उनकी आपत्ति पर अगर कोई कार्रवाई नहीं होती है तो फिर हाईकोर्ट के दरवाजे उनके लिए खुले हैं। कोर्ट ने उन्हें 7 दिन का समय दिया था। जिस पर रावल ने वीरवार को अपनी आपत्ति चुनाव आयोग और शहरी स्थानीय निकाय में दर्ज करवाई है। अब आयेाग और शहरी स्थानीय निकाय के द्वारा इस पर फैसला लिया जाएगा। पंचकूला व सोनीपत मेयर के लिए अनारक्षित नगर निगम चुनाव के लिए निकले ड्रा के अनुसार अंबाला को महिला बीसी-B के लिए रिजर्व किया गया, जबकि पंचकूला और सोनीपत की सीट अनारक्षित रहेगी। तीनों नगर निगमों के मेयर और पार्षदों का कार्यकाल समाप्त हो चुका है।खास बात ये है कि हरियाणा में बीसी-बी की महिला के लिए पहली बार मेयर पद आरक्षित हुआ है। हालांकि पानीपत में बीसी-बी कैटेगिरी से संबंध रखने वाली कोमल सैनी मेयर हैं। बता दें कि पानीपत मेयर की सीट महिला के रिजर्व थी। तब भाजपा ने जनरल कैटेगिरी की बजाय बीसी-बी वर्ग की कोमल सैनी को प्रत्याशी बनाया था। अब रिजर्वेशन की वजह से पहली बार कोई मेयर पद बीसी-बी वर्ग की महिला के लिए आरक्षित किया गया हैं। अब जानिए चुनाव वाले तीनों नगर निगमों की स्थिति… अंबाला में बीजेपी की सैलजा ने कांग्रेस की अमीषा को हराया था : अंबाला में 2 मार्च को नगर निगम चुनाव हुए थे। वोटिंग के दस दिन बाद यानी 12 मार्च को आए परिणाम में बीजेपी ने इस सीट पर जीत हासिल की थी। बीजेपी की प्रत्याशी शैलजा संदीप सचदेवा ने कांग्रेस की अमीषा सचदेवा को 20 हजार से भी अधिक मार्जिन से हराया है। 14 राउंड की वोटिंग के बाद 40,620 वोट मिले। वहीं कांग्रेस की अमीषा सचदेवा सिर्फ 20,133 वोट हासिल कर पाई थीं। पंचकूला में भाजपा के कुलभूषण गोयल ने जीता था चुनाव : पंचकूला नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी ने 2020 में मेयर पद हुए चुनाव में जीत हासिल की थी। यहां से मेयर का चुनाव भाजपा उम्मीदवार कुलभूषण गोयल ने जीता था। कुलभूषण गोयल को कुल 49860 वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस की उम्मीदवार उपेंद्र कौर अहलूवालिया को 47803 वोट मिले। सोनीपत में भाजपा प्रत्याशी राजीव जैन ने जीत दर्ज की थी : सोनीपत नगर निगम मेयर पद के लिए मार्च 2025 में उप चुनाव हुए थे। इस चुनाव में भाजपा प्रत्याशी राजीव जैन ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने मेयर उपचुनाव में कांग्रेस के कमल दिवान को 34,749 वोटों से हरा दिया था। अन्य आठ नगर निगमों में आरक्षण की क्या स्थिति प्रदेश में कुल 11 नगर निगम हैं। इनमें से आठ के चुनाव पहले ही हो चुके हैं। तीन नगर निगमों का कार्यकाल इसी माह पूरा हुआ है। फरीदाबाद नगर निगम महिला और गुरुग्राम नगर निगम बीसी-ए कैटेगरी की महिला के लिए आरक्षित है। यमुनानगर में मेयर का पद एससी कैटेगरी महिला और रोहतक में नगर निगम मेयर का पद एससी कैटेगरी के पुरुष के लिए रिजर्व है। बाकी के पांच निगम हिसार, करनाल, मानेसर और पानीपत सामान्य वर्ग के लिए हैं।
राज्य चुनाव आयुक्त कार्यालय तैयारी में जुटा नगर निकाय चुनाव को लेकर राज्य चुनाव आयुक्त कार्यालय में भी हलचल है। आयुक्त ने पंचकूला, सोनीपत व अंबाला के डीसी के साथ भी इसी सप्ताह मीटिंग की थी। जिसमें चुनाव को लेकर निर्देश जारी किए हैं। सभी जगह से वोटर संख्या भी राज्य चुनाव आयोग ने मांगी हैं। चुनाव आयोग ने इन सभी स्थानों पर ईवीएम से वोटिंग के लिए पहले से ही तैयारी कर रखी हैं।