हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र 20 फरवरी से शुरू होने जा रहा है। सत्र को लेकर सत्तासीन बीजेपी ने रणनीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है, वहीं कांग्रेस-इनेलो ने सरकार को घेरने के लिए मोर्चा खोलने की तैयारी कर ली है। दोनों दलों ने कई मुद्दों को सूचीबद्ध कर लिया है। इस बार सत्र हंगामेदार रहने वाला है। सत्ता-विपक्ष के बीच कई तकरार देखने को मिल सकती हैं। सत्ता पक्ष अपनी उपलब्धियां गिनाने और योजनाओं को आगे बढ़ाने की तैयारी में है, जबकि विपक्ष जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने के मूड में है। बजट सत्र की तैयारियों के तहत भाजपा और कांग्रेस ने अपने-अपने विधायक दल की बैठक बुलाई है। इसके साथ ही बिजनेस एडवाइजरी काउंसिल (BAC) की बैठक होगी, जिसमें बजट सत्र की कार्यवाही और तारीखों पर अंतिम मुहर लगेगी। मंत्री फैक्ट्स के साथ जवाब दें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पार्टी विधायकों और मंत्रियों के साथ बैठक कर विपक्ष के संभावित हमलों का जवाब देने की रणनीति तैयार करेंगे। मंत्रियों को निर्देश दिए जाएंगे कि वे विभागीय सवालों और आरोपों पर तथ्यों के साथ मजबूती से जवाब दें ताकि विपक्ष को सरकार को घेरने का अवसर न मिले। इस सत्र में कैबिनेट मंत्री अनिल विज के आने पर संशय है। दरअसल, उनके दोनों पैरों की एड़ी में फ्रैक्चर हो गया है, जिसके कारण डॉक्टर ने उन्हें बेड रेस्ट की सलाह दी है। वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस ने भी सरकार को विभिन्न मुद्दों पर घेरने की तैयारी कर ली है। पार्टी की ओर से काम रोको प्रस्ताव लाने की रणनीति बनाई गई है जिससे सदन में सरकार पर दबाव बनाया जा सके। INLD ने लगाए 11 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) की ओर से सदन में सरकार को घेरने के लिए 11 ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लगाए हैं। इन प्रस्तावों में सतलुज यमुना लिंक (SYL) नहर के साथ HTET में परीक्षार्थियों से 72 लाख रुपए की अतिरिक्त वसूली का मुद्दा शामिल है। इनेलो से विधायक दल के नेता अदित्य देवीलाल और विधायक अर्जुन चौटाला ने विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन में उठाएंगे। ध्यानाकर्षण प्रस्ताव में श्रम मंत्री अनिल विज के डिपार्टमेंट में 1500 करोड़ रुपए के घोटाले को लेकर भी इनेलो विधायक सदन में सवाल उठाएंगे। विधानसभा सचिवालय तैयारियों में जुटा विधानसभा सचिवालय की ओर से भी सत्र को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। विधानसभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण ने हरियाणा, पंजाब, सीआईएसएफ और यूटी चंडीगढ़ के बरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सत्र के दौरान किसी भी सदस्य या आगंतुक को असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रहे। इससे पहले अध्यक्ष ने राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष से मुलाकात कर उद्घाटन अभिभाषण को लेकर औपचारिक चर्चा की। मीडिया कर्मियों की भी होगी जांच परंपरा के अनुसार अभिभाषण के बाद सेरेमोनियल मेट पर सभी सदस्यों के साथ सामूहिक फोटो भी होगी। सुरक्षा प्रबंधों के तहत मीडिया कर्मियों को जांच प्रक्रिया में रखने, पत्रकार दीर्घा में अनुशासन बनाए रखने तथा सुरक्षाकर्मियों की आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। हरियाणा और पंजाब विधानसभा की बैठकों के एक साथ होने की स्थिति में अतिरिक्त प्रबंध करने पर भी चर्चा की गई। यहां तक कि विधान परिसर में वन्य जीवों के प्रवेश जैसे मुद्दे पर भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।