हरियाणा विधानसभा में सोमवार को बजट सत्र का दूसरा दिन रहा। दोपहर दो बजे प्रश्नकाल के साथ कार्यवाही शुरू हुई, जो चार घंटे तक चली। विपक्ष ने IDFC फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ रुपए का घोटाला होने की बात कहकर जमकर हंगामा किया। इसे लेकर सीएम नायब सैनी और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा में भी बहस हुई। हंगामे के बीच कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया। हालांकि, कुछ देर बाद लौट आए। शाम पांचे बजे गवर्नर एड्रेस पर चर्चा शुरू हुई। इस दौरान कांग्रेस के थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा ने धान और रोहतक टेलीकॉम घोटाले का जिक्र किया। उन्होंने हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) को बंद करने की सलाह दी। कहा-ये युवाओं के साथ सबसे बड़ा अन्याय है। इस पर मंत्री कृष्ण बेदी ने बीच में कूदे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने गिरेबां में झांके। कांग्रेस सरकार में इलाकावाद तो छोड़ो गोत्र के आधार पर नौकरी मिलती थी। इसे लेकर कांग्रेसियों ने हंगामा कर दिया। इसी बीच पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा खड़े हुए। बोले-अध्यक्ष महोदय सदन में दो लोगों को बोलना बंद कराएं। एक तो बेदी (कृष्ण बेदी) दूसरे वो ढांडा (महीपाल ढांडा)। कांग्रेस की ओर से हरियाणा पब्लिक सर्विस कमिशन (HPSC) को लेकर दिए गए प्रस्ताव को सदन में खारिज कर दिया गया। इसे लेकर हंगामा हुआ तो सीएम खड़े हुए और कहा, एचपीएससी के मुद्दे पर हम वर्चा के लिए तैयार हैं। मगर, आप सदन छोड़ भाजियो मत (सदन छोड़कर जाना मत)। मैं खाली कुर्सियों को कैसे सुनाऊंगा। इस पर हुड्डा बोले-अरोड़ा साहब कब से बोल रहे थे, तब तो आप नहीं थे। प्रस्ताव रद्द करने पर विपक्षी विधायक वेल तक पहुंच गए और नारेबाजी की। स्पीकर ने उन्हें वापस भेजा। मुख्यमंत्री ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक घोटाले पर कहीं 3 बातें… विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन के प्रमुख घटनाक्रम… एचपीएससी को लेकर कांग्रेस का प्रस्ताव सदन में खारिज करीब तीन बजे प्रश्नकाल की समाप्ति के बाद कांग्रेस की ओर से एचपीएससी को लेकर दिए गए प्रस्ताव को सदन में खारिज कर दिया गया। इस पर नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सवाल उठाए। इसे लेकर नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा और स्पीकर हरविंद्र कल्याण के बीच नोंक-झोंक हुई। स्पीकर ने नियम पढ़कर सुनाया। स्पीकर ने कहा कि सदन नियमों से चलेगा। राजनीतिक भाषण नहीं होंगे। इसके बाद हंगामा किसी तरह शांत हुआ। IDFC फर्स्ट बैंक पर हंगामा, कांग्रेसियों का वॉकआउट इसके बाद IDFC फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ रुपए के घोटाले पर नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सदन में सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही गंभीर मुद्दा है। इसके जवाब में सीएम सैनी ने कहा कि सरकार ने एंटी करप्शन ब्यूरो और विजिलेंस को केस ट्रांसफर कर दिया है। सरकार का पूरा पैसा सुरक्षित है। हुड्डा ने तुरंत सवाल दागा कि सरकार को सब पता है कि कसूरवार कौन है। इसे लेकर भी कांग्रेस के विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। स्पीकर ने कहा कि सीएम ने जवाब दे दिया है, अब आप लोग शांत हो जाओ। इस पर कांग्रेसियों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। हालांकि बाद में कांग्रेस विधायक वापस लौट आए। सोशल मीडिया के खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव स्वीकार बीजेपी के पानीपत शहरी विधायक प्रमोद विज ने विधानसभा में पुलिस सिक्योरिटी ड्यूटी लगाने को लेकर वायरल वीडियो का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ये साजिश है, जिसको प्रायोजित तरीके से किया जा रहा है। इस पर कांग्रेसी विधायकों ने सवाल खड़े किए। बीजेपी विधायक ने कहा कि मुझे तो लग रहा है कि ये आपने तो नहीं किया। इस पर स्पीकर ने कहा कि ऐसे सोशल मीडिया प्लेटफार्म के खिलाफ सदन में विशेषाधिकार हनन लाया जा रहा है। स्पीकर के अनुरोध पर प्रमोद विज ने प्रस्ताव रखा, जिसे स्वीकार कर लिया गया। प्रस्ताव को विशेषाधिकार समिति को भेजा गया, जिसको 1 मार्च तक रिपोर्ट देनी होगी। गौतम ने वोट चोरी के लिए गांधी और हुड्डा परिवार को घेरा सत्र की कार्यवाही खत्म होने से ठीक पहले सफीदों से भाजपा विधायक रामकुमार गौतम और नेता प्रतिपक्ष दीपेंद्र हुड्डा में भी बहस हो गई। गौतम ने वोट चोरी का जिक्र करते हुए गांधी परिवार और हुड्डा परिवार पर सीधा हमला बोला। इस पर कांग्रेसियों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। हुड्डा के हस्तक्षेप के बाद स्पीकर ने कहा ये शब्द कार्यवाही से हटा लिए जाएंगे। उन्होंने कहा-दादा (गौतम) शब्दों का सही चयन करें। आपत्तिजनक शब्द कार्यवाही से हटाए गए। इस पर हुड्डा ने खड़े होकर कहा-ये (गौतम) बुड्ढा हो गया है, माफ करो। हालांकि हुड्डा के तंज के बाद दादा गौतम ने कहा, मैं ये नहीं कहता कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने काम नहीं किए। ये बहुत प्यारा आदमी है। लेकिन किनके काम किए, वो बात अलग है। बीजेपी विधायक ने उठाया तीन जिलों में प्रदूषण का मामला समालखा से बीजेपी विधायक मनमोहन भड़ाना ने पानीपत, फरीदाबाद, यमुनानगर में दूषित जल का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यहां पर कुछ औद्योगिक इकाइयों से टैंकरों के माध्यम से दूषित जल नालों में बहाया जा रहा है। इससे यहां पर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लोग ग्रसित हो रहे हैं। मैं सरकार से आग्रह करना चाहता हूं कि सरकार जल्द से जल्द इस मामले में कोई बड़ा फैसला ले, जो लोगों को इस जहरीले पानी से बचा सके। इनेलो विधायक बोले- चौटाला गांव में अब सरकारी बस नहीं जाती डबवाली से INLD विधायक आदित्य देवीलाल ने कहा कि आज हालात बहुत खराब हो चुके हैं। चौटाला गांव में आज एक भी सरकारी बस नहीं जाती है। जबकि पहले की सरकारों में लगातार रोडवेज बसों की आवाजाही होती रही है, लेकिन सरकार चौटाला गांव के लोगों के साथ भेदभाव का व्यवहार कर रही है। उन्होंने परिवाहन पहचान पत्र (PPP) का मुद्दा भी उठाया। कहा कि इसमें बड़ी लापरवाही की जा रही है, जो लोग पात्र हैं उन्हें भी सरकारी योजनाओं से बाहर किया जा रहा है। बुढ़ापा पेंशन इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए काम करना चाहिए। विधायक देवेंद्र हंस के खिलाफ हुए मुकदमें का मुद्दा भी उठा सदन में शून्यकाल के बाद नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने गुहला से कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस के खिलाफ हुए मुकदमे का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि आपने आश्वासन दिया था कि इस मामले में वह कोई रूलिंग निकालेंगे। इस पर स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने कहा कि इस मामले के अलावा भी कुछ और मामले हैं, वह इस मामले पर जल्द से जल्द से कार्यवाही शुरू करेंगे। बता दें कि गुहला एसडीएम को झुनझुना थमाने पर देवेंद्र हंस के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इसमें विधायक के अलावा उनके चार साथियों को भी नामजद किया गया है। गवर्नर एड्रेस पर चर्चा के दौरान जमकर हुआ हंगामा… विपक्ष की ओर से अरोड़ा ने संभाली कमान करीब पांच बजे गवर्नर एड्रेस पर चर्चा हुई। कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा कि जब मैंने इसको पढ़ा तो मुझे बड़ी हैरानी हुई कि पहली बार हेल्थ, प्रदूषण, पशु पालन, ट्रांसपोर्ट का कोई भी जिक्र नहीं है। सूबे में पांच हजार करोड़ का धान घोटाला हुआ, उसका भी कोई जिक्र नहीं है। इसके अलावा श्रम विभाग में 1500 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ, लेकिन उसका भी कोई जिक्र नहीं है। आईपीएस वाई पूरन कुमार सुसाइड केस, कर्मचारी सुसाइड, सूरजकुंड मेले में झूला टूटने से एक पुलिस अधिकारी की मौत हुई, उसकी चर्चा होनी चाहिए थी। मगर, इनके मंत्री कहते है कि ये तो भगवान की मर्जी है। ये अपनी जिम्मेदारी भी भगवान के भरोसे छोड़कर रख रहे हैं। HKRN को लेकर अरोड़ा और मंत्री बेदी में हुई बहस विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा कि हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) बंद होना चाहिए। ये युवाओं से बड़ा अन्याय है। एक ही जगह दो कर्मी काम कर रहे हैं। मगर, उनके वेतन में भारी अंतर होता है। ये न्याय नहीं। सरकार बेवजह बिना पर्ची-खर्ची की बात कर रही है, ये बेमायने है। इस पर मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि कांग्रेस अपने गिरेबां में झांके। कांग्रेस सरकार में इलाकावाद तो छोड़ों गोत्र के आधार पर नौकरी मिलती थी। कांग्रेस इसे एक बार स्वीकार कर ले। इसी बीच पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा खड़े हुए। बोले-अध्यक्ष महोदय सदन में दो लोगों को बोलना बंद कराएं। अशोक अरोड़ा ने घोटालों पर सरकार को घेरा अशोक अरोड़ा ने सदन में एक और घोटाले का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि हरियाणा टेलीकॉम रोहतक के नाम से 2019 में हरियाणा में एक कंपनी बनी, जो आर्थिक संकट के कारण बंद हो गई। इस पर 96 हजार करोड़ का कर्जा था, जिसमें 87 करोड़ सरकार का कर्ज था। इसके लिए ई-ऑक्शन निकाली गई, देवेंद्र नाम के एक व्यक्ति ने विड भरी। 25 करोड़ में उसने कंपनी खरीद ली। चार करोड़ रुपए ही वह भर पाया। इसके बाद एक ऐसी कंपनी से 21 करोड़ भरवा दिए, जिसने विड भी नहीं भरी थी। इस कंपनी में सत्ताधारी के लोग जुड़े हुए थे। सरकार ने जब इसकी वैल्यू लगवाई तो आज के दिन करीब 300 करोड़ रुपए है। ये मामला बहुत गंभीर है, इसको सीबीआई में देना चाहिए। धान घोटाले की जांच CBI से करवाई जाए अशोक अरोड़ा ने आगे कहा-हरियाणा में बहुत बड़ा धान घोटाला हुआ है। करनाल व यमुनानगर में कुछ अधिकारी गिरफ्तार भी हुए हैं। केंद्र सरकार ने पंजाब में धान घोटाले की जांच के आदेश दे दिए। कहा कि 10 हजार करोड़ का घोटाला हुआ है, जांच हो। हरियाणा के साथ दोहरा मानदंड अपनाया गया। यहां जांच क्यों नहीं। यहां भी धान घोटाले की जांच CBI से करवानी चाहिए। यह ऐसा घोटाला है, जिसमें राजनेता भी शामिल हैं। बिहार से चावल आ रहा है। मेरी फसल-मेरा ब्योरा में फर्जी रजिस्ट्रेशन हो रहा है। जिन किसानों का नुकसान हुआ है, उन्हें मुआवजा मिलना चाहिए। बजट सेशन के अपडेट्स के लिए नीचे के ब्लॉग से गुजर जाएं…