हरियाणा पुलिस ने राज्य में अपराध और नशे के अड्डों पर शिकंजा कसने के लिए नया अभियान शुरू करने की तैयारी कर ली है। ‘ऑपरेशन ट्रैकडाउन’ के बाद अब पुलिस ‘ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन’ चलाएगी। इस संबंध में डीजीपी ओपी सिंह ने 30 नवंबर को सभी जिलों के एडीजी, एसटीएफ और हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो यूनिट इंचार्ज सहित चौकी स्तर तक के अधिकारियों को पत्र लिखकर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। डीजीपी ने बताया कि 5 से 27 नवंबर तक चले ऑपरेशन ट्रैकडाउन के दौरान 3077 कुख्यात अपराधियों को जेल भेजा गया और सैकड़ों के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। अब इन अपराधियों के जेल में रहते हुए उनके व्यवहार में सुधार लाने और बाहर बेल पर आए लोगों की निगरानी पर जोर दिया जाएगा। हरियाणा DGP के पत्र में 6 अहम बातें.. 1. जेल में मिलने वालों पर नजर रखें : जेल में उनसे मिलने-जुलने वालों पर नजर रखें। जेलरों से तालमेल रखें। ये तय करें कि वे वहां से दाेबारा शुरू ना हो जाएं। जो इस अवधि में जेल से बेल पा गए हैं, उनकी अच्छी खबर लें। सुनिश्चित करें कि वे बेल की शर्तों के अनुसार खुले में सांस लें। जो भी दोबारा नाखून-दांत दिखाए तो उसकी बेल कैंसिल करा, दोबारा जेल में ठोंके। 2. 312 बदमाश अब भी फरार : 312 चिन्हित अपराधी, जो अब भी फरार हैं, उनको फौरन गिरफ्तार करें। उनकी सूची को बगल के राज्य की पुलिस से साझा करें। उनके फोटो सर्कुलेट कर जिले के एसपी से उनके ठिकानों के बारे में सूचना देने के लिए आग्रह करें। साथ-साथी पीओ भी घोषित करवाएं। लुकआउट नोटिस जारी करवाएं, कुख्यात बदमाशों के पासपोर्ट कैंसिल करवाएं। 3. गन हाउस का भी रिकॉर्ड रखें : उग्र लोगों के हाथ में हथियार हत्या का सामान है। इसे बनाने, बेचने और खरीदने वालों को ढूंढ-ढूंढ कर जेल भेजें। गन हाउस का पूरा हिसाब रखें। बताया गया है कि इनमें से कुछ अपराधियों को ब्लैक में कारतूस बेचते हैं।
4. काली कमाई जब्त करवाएं : अपराधियों की सैंकड़ों करोड़ की काली कमाई की सूची, जो आपने बनाई है, उसकी जब्ती की प्रक्रिया पूरी करें। इनके नाजायज कब्जों की प्रक्रिया के अनुसार ढहाने में सिविल प्रशासन की सहायता करें। इनके हिस्ट्रीशीट अप टू डेट करें। गश्त पर जाने वाले इनकी नियमित चेकिंग करें और इन्हें खामोश रहने की हिदायत दें। 5. अब ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन: अक्सर शिकायत आती है कि गांव-गांव, शहर-शहर में नशेड़ी, जुआरी, स्टोरियों और आवारागर्दी करने वालों के अड्डे हैं। दिसंबर महीने में आप ऑपरेशन हॉटस्पॉट डोमिनेशन चलाएं। ऐसे अड्डों में आप कॉम्बिंग अभियान चलाएं। 6. सर्दी में न ठिठुरे, भूखा न सोए कोई: सर्दी का मौसम है। हर किसी के पास घर-कंबल नहीं होता। ऐसे लोगों की कमी नहीं है, जो इनकी सहायता के लिए तैयार रहते हैं। दोनों के बीच संपर्क स्थापित करें। सरकारी की भी ऐसी अनेक योजनाएं हैं, इनको उससे भी जोड़ें। संकल्प लें कि आपके इलाके में कोई सर्दी से ना ठिठुरे और भूखा भी ना सोए।