हरियाणा में तहसीलदारों ने हड़ताल खत्म कर दी। चंडीगढ़ में मंगलवार को फाइनेंस कमिश्नर रेवेन्यू (एफसीआर) सुमिता मिश्रा के साथ हुई मीटिंग में तहसीलदारों ने कल (11 फरवरी) से काम पर लौटने का फैसला किया। अब कल से ही रजिस्ट्री दोबारा से शुरू हो जाएगी। तहसीलदार बीते पांच दिनों से विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे थे। इस कारण प्रदेश भर में 10 हजार से ज्यादा रजिस्ट्री पेंडिंग है। हांलाकि, शासन ने कल (9 फरवरी) से रजिस्ट्री की जिम्मेदारी DRO-SDM को सौंपी थी, मगर इसका कोई खास फायदा नहीं मिला। इस एक दिन में पूरे प्रदेश में केवल 28 रजिस्ट्री ही हो सकी। रेवेन्यू ऑफिसर एसोसिएशन के डेलिगेशन की FCR से मीटिंग के बाद 4 मांगों पर सहमति बनी है। फिलहाल प्रदेश सरकार ने इसके लिए 15 दिन का समय मांगा है। तहसीलदारों की हड़ताल का क्या असर रहा
प्रदेश भर में तहसीलदारों की हड़ताल होने से सोमवार को केवल 28 रजिस्ट्री हुई, जबकि 682 लोगों ने रजिस्ट्री के लिए टोकन लिया था। 515 रजिस्ट्री पेंडिंग रह गई। इनमें से रेवाड़ी में सर्वाधिक 16 रजिस्ट्री हुई हैं। इसके अलावा रोहतक में 8, महेंद्रगढ़ में 2, रेवाड़ी और जींद में 1-1 रजिस्ट्री हुई हैं। इस दिन प्रदेश में 4.34 करोड़ रुपए की जमीन की खरीदारी हुई। जिसमें सरकार को 25 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ। वहीं, शुक्रवार को प्रदेश भर में केवल पंचकूला में एक रजिस्ट्री हुई थी। जिससे प्रदेश सरकार को 14 लाख रुपए का राजस्व मिला। 3 पॉइंट में जानिए हड़ताल की वजह… अब पढ़िए किन डिमांड पर सहमति बनी…