हरियाणा में कोटक महिंद्रा बैंक ने ₹127 करोड़ लौटाए:FD फ्रॉड केस में ब्रांच के बाहर पुलिस तैनात की थी, शटर तक नहीं खुलने दिए

पंचकूला नगर निगम के फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) फंड में लगभग ₹160 करोड़ के गबन के मामले में कोटक महिंद्रा बैंक ने सोमवार देर शाम नगर निगम के ₹127 करोड़ लौटा दिए। रिकॉर्ड देने पर बैंक पहले ही सहमत हो गया था और एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को जांच में पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद बैंक शाखाओं से पुलिस हटा दी गई। सोमवार सुबह अलग-अलग केसों में पंचकूला, पानीपत, सोनीपत, यमुनानगर और भिवानी में कोटक महिंद्रा बैंक की शाखाओं के बाहर पुलिस तैनात की गई थी क्योंकि मामलों की जांच में बैंकों द्वारा ACB का सहयोग नहीं किया जा रहा था। किसी भी शाखा में कर्मचारियों को शटर नहीं खोलने दिया गया, और स्टाफ बैंकों के बाहर खड़ा रहा। बैंकों के बाहर तैनात पुलिस की PHOTOS… सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला…. नगर निगम ने 16 FD करवाई थीं पंचकूला नगर निगम ने कोटक महिंद्रा और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में 160 करोड़ रुपए की 16 FD करवाई थीं। इनमें से 59.58 करोड़ रुपए की 11 FD 16 फरवरी, 2026 को पूरी हो गईं। जब नगर निगम ने बैंक से बात की, तो बैंक के दिए गए डिटेल्स नगर निगम के रिकॉर्ड से मैच नहीं हुए। एक खाते में 50.07 करोड़ रुपए होने चाहिए थे, लेकिन उसमें सिर्फ 2.18 करोड़ रुपए थे। बैंक ने बताया कि कोई भी FD चालू नहीं है और खातों में कुल 12.86 करोड़ रुपए ही बचे हैं। बैंक को लेटर लिखकर पैसे मांगे इससे पहले, IDFC फर्स्ट बैंक में भी ऐसा ही घोटाला हुआ था। इसलिए, नगर निगम ने कोटक महिंद्रा बैंक को पत्र लिखकर अपनी FD वापस मांगी। बैंक ने कहा कि उनके पास ऐसी कोई FD नहीं है। इससे नगर निगम में हड़कंप मच गया और उन्होंने जांच शुरू की। जांच में पता चला कि बैंक कर्मचारियों ने फ्रॉड करते हुए, हर बार रिन्यूअल के फर्जी डॉक्यूमेंट भेजे, जिससे अधिकारियों को पता न चले। फ्रॉड में 2 लोग गिरफ्तार हुए बैंक में नगर निगम के 2 खाते थे, लेकिन उन्हीं डॉक्यूमेंट पर 2 और खाते खोल दिए गए। फिर उन खातों से पैसे अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए गए। कहा जा रहा है कि बैंक की एक महिला कर्मचारी के खाते में भी काफी पैसा गया है। इस घोटाले में अब तक दो लोग गिरफ्तार हुए हैं: रिलेशनशिप मैनेजर दिलीप कुमार और रजत डागर। रजत डागर के खाते में निगम के 70 करोड़ रुपए आए थे, जिसे उसने बिल्डरों और प्राइवेट लोगों को ट्रांसफर कर दिया। ज्यादा ब्याज का लालच दिया FD हर बार रिन्यू हो रही थी, लेकिन नगर निगम के अधिकारियों ने कभी इसकी जांच नहीं की। जब पैसे वापस लेने के लिए पत्र लिखा गया, तो बैंक का एक कर्मचारी ज्यादा ब्याज का लालच देकर फिर से FD करवाने का ऑफर देने आया, लेकिन इस बार अधिकारी झांसे में नहीं आए और घोटाले का खुलासा हो गया। जांच पूरी होने तक 127 करोड़ लौटाए बैंक की ओर से प्रेस रिलीज जारी कर कहा गया कि पंचकूला नगर निगम की FD और बैंक खातों को मिलाते समय कुछ गड़बड़ियां मिली हैं, जिससे बैंक और नगर निगम दोनों को नुकसान हो सकता है। अभी इसकी जांच चल रही है। कोटक महिंद्रा बैंक ने सरकारी संस्थानों के साथ अपने पुराने रिश्ते को देखते हुए, जांच पूरी होने तक नगर निगम को 127 करोड़ रुपए दे दिए हैं। बैंक और नगर निगम दोनों मिलकर अधिकारियों के साथ काम कर रहे हैं ताकि सच पता चल सके और मामले को ठीक से सुलझाया जा सके। ACB को 7 नए अधिकारी मिले हरियाणा में बैंकिंग घोटाले की जांच में आ रही मुश्किलों को देखते हुए, राज्य सरकार ने ACB को मजबूत करने के लिए 7 नए अधिकारी दिए हैं। अब ACB में दो IPS और पांच HPS अधिकारी होंगे। IPS अधिकारियों में, STF एसपी वसीम अकरम और CID एसपी उपासना ACB में काम करेंगे। इसी तरह, HPS अधिकारियों में स्टेट क्राइम ब्यूरो DSP अरविंद दहिया, सोनीपत ACP राहुल देव, द्वितीय IRB भोंडसी DSP मनीष सहगल, गुरुग्राम ACP प्रियांशु दीवान और गुरुग्राम ACP अभिलक्ष जोशी को भी ACB में शामिल किया गया है।

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