हरियाणा की पहचान उसके खेल-खिलाड़ियों से होती है। बावजूद इसके प्रदेश के खेल विभाग के हाल बुरे हैं। पिछले 7 साल से नए खेल उपकरणों की खरीद नहीं हुई है। साल 2019 में आखिरी बार तब उपकरण खरीदे गए थे, जब मनोहर लाल खट्टर मुख्यमंत्री थे। जब अनिल विज खेल मंत्री थे, तब 30 करोड़ रुपए के खेल उपकरणों की खरीद की गई थी। ऐसा नहीं है कि खेल विभाग के पास बजट की कमी है। सरकार ने बीते 3 साल में हरियाणा खेल बजट चार गुना बढ़कर 1962 करोड़ रुपए तक कर दिया है। इस बार के बजट 2025 में खेल विभाग का बजट 1962 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। असल में सारा मामला ईं-टेंडर और फाइलों में उलझा हुआ है। CM नायब सैनी 4 महीने पहले मंजूरी दे चुके हैं, लेकिन अब फाइल खेल मंत्री के पास अटकी है। पिछले दिनों जर्जर बॉस्केट पॉल गिरने से रोहतक ने नेशनल प्लेयर हार्दिक राठी और बहादुरगढ़ में अमन की मौत हुई। इसके बाद से खेल विभाग हरकत में है। सभी जर्जर व पुराने खेल ढांचे बदलने के आदेश दिए गए हैं। हालांकि रोहतक में ही मंत्री महीपाल ढांडा ने जर्जर स्टेडियमों पर यह तक कह दिया कि कांग्रेस सरकार में बने राजीव गांधी खेल स्टेडियम सरकार के लिए नासूर बन गए हैं। यहां पढ़िए, कितना है बजट, क्यों अटकी है फाइल… इन 2 दर्दनाक हादसों से भी सबक नहीं… कैग रिपोर्ट- खेल विभाग ने 5 सालों में मात्र 3% बजट किया खर्च
कैग की रिपोर्ट के मुताबिक 2016 से 2022 तक खेल का 40% ही बजट इस्तेमाल हुआ है। इसके अलावा स्टेडियम और खेल नर्सरी के रखरखाव के लिए अलग से कोई योजना और बजट नहीं है। कैग की रिपोर्ट (मार्च 2025) के मुताबिक बीते 13 सालों में हरियाणा के 93% स्पोर्ट्स परिसर में कोई स्थायी कोच नियुक्त नहीं हुआ है। खेल विभाग ने रख रखाव पर बीते पांच सालों में मात्र 3% बजट ही खर्च किया है। खेल मंत्री की बैठक में भी उठा मुद्दा
रोहतक हादसे के बाद 28 नवंबर को पंचकूला में बुलाई गई खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम की हाई लेवल मीटिंग में भी खेल उपकरणों का मुद्दा उठाया। जिलों से पहुंचे जिला खेल अधिकारियों ने खेल उपकरणों की खरीद को लेकर कहा। सभी ने एक स्वर में कहा कि जिलों में खेल उपकरण नहीं है हैं तो वह भी खराब स्थिति में हैं। इसलिए जल्दी खेल उपकरणों की खरीद की जाएगी।
बता दें कि हाल ही में CM नायब सैनी ने 114 करोड़ रुपए स्टेडियम की मरम्मत में जारी करवाए गए हैं। गौरव गौतम की मीटिंग में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने यह कहा कि 3 महीने में ये काम पूरा हो जाएगा।