हरियाणा राज्यसभा चुनाव, शिमला छोड़ेंगे कांग्रेस MLA:चंडीगढ़ के पास परवाणु में शिफ्ट होंगे; मौसम अलर्ट के बाद फैसला, BJP फिर ट्रेनिंग देगी

हरियाणा राज्यसभा चुनाव की वोटिंग के लिए सिर्फ एक दिन बचा है। 16 मार्च को सुबह 9 बजे से वोटिंग शुरू होगी। कांग्रेस ने अपने 31 विधायकों की शिमला एरिया के गलू में बाड़ाबंदी कर रखी है। पार्टी की योजना थी कि वोटिंग के लिए ही विधायकों को लेकर चंडीगढ़ पहुंचेंगे। इसी बीच मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट के बाद कांग्रेस ने अपनी रणनीति बदल ली है। अब संडे (15 मार्च) को ही इन विधायकों को गलू से परवाणु के होटलों में शिफ्ट किया जाएगा। परवाणु हिमाचल में है और चंडीगढ़ से सिर्फ 34 किलोमीटर दूर है। असल में मौसम विभाग ने 15 मार्च को उत्तर हरियाणा व हिमाचल में बारिश व ओलावृष्टि के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि 16 मार्च के लिए यलो अलर्ट है। ऊंचे पहाड़ों पर हिमपात का भी अनुमान है। पहाड़ी इलाकों में खराब मौसम में सफर करना रिस्की होता है, इसी वजह से कांग्रेस ने विधायकों को शिफ्ट करने का फैसला किया। बाड़ेबंदी में शामिल कांग्रेस के एक सीनियर MLA ने दैनिक भास्कर एप की टीम को बताया कि संडे को दोपहर बाद ही शिमला को छोड़कर परवाणु के लिए रवाना हो जाएंगे। इन 2 संभावनाओं को देखते हुए बदली रणनीति… खराब मौसम में एयर लिफ्ट में भी दिक्कत खराब मौसम के कारण फ्लाइट या सड़क मार्ग से यात्रा प्रभावित हो सकती है। ऐसे में अगर विधायकों को आखिरी समय में शिफ्ट करना पड़े तो दिक्कत हो सकती है। एयर लिफ्ट में भी दिक्कत आ सकती है। इसलिए कांग्रेस पहले ही उन्हें एक सुरक्षित जगह पर ले जाकर पूरी लॉजिस्टिक व्यवस्था सुनिश्चित करना चाहती है। क्रॉस वोटिंग की आशंका कम करना राज्यसभा चुनाव में अक्सर आखिरी समय में राजनीतिक संपर्क और दबाव बढ़ जाता है। खराब मौसम का हवाला देकर विधायकों को दूसरी जगह शिफ्ट करने से पार्टी उन्हें अपने कंट्रोल में रख सकती है और संभावित क्रॉस वोटिंग या तोड़फोड़ की कोशिशों से बचा सकती है। इन 6 स्थितियों में रद्द हो सकते हैं वोट 1. गलत तरीके से वोट डालना: राज्यसभा चुनाव में विधायक को बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों के नामों के सामने 1, 2, 3 वरीयता लिखनी होती है। जैसे 3 प्रत्याशी हैं तो एक से तीन तक वरियता रहेगी। अगर विधायक ने सही वरीयता नहीं लिखी या एक से ज्यादा उम्मीदवारों के सामने एक ही नंबर लिख दिया तो वोट कैंसिल हो सकता है। 2. अधिकृत पेन का इस्तेमाल न करना: चुनाव आयोग द्वारा दिया गया खास पेन इस्तेमाल करना अनिवार्य होता है। अगर विधायक अपने पेन या अलग रंग की स्याही वाले पेन से वोट डाल देता है तो वोट रद्द हो सकता है। जैसे 2016 में स्याही कांड हुआ और 14 वोट अमान्य हुए थे। 3. पार्टी एजेंट को बैलेट न दिखाना: अगर कोई विधायक किसी पार्टी से है तो उसे वोट डालने के बाद अपनी पार्टी के अधिकृत एजेंट को बैलेट दिखाना पड़ता है। अगर विधायक बैलेट नहीं दिखाता, तो उसका वोट रिजेक्ट कर दिया जाता है। 4. गलत व्यक्ति को बैलेट दिखाना: अगर विधायक अपनी पार्टी के एजेंट की बजाय किसी और को बैलेट दिखा देता है, तो भी वोट अमान्य हो सकता है। 5. बैलेट पेपर खराब करना: बैलेट पेपर पर साइन करना, कोई निशान/टिप्पणी लिखना, या बैलेट को फाड़ देना ऐसी स्थिति में भी वोट अमान्य हो जाता है। 6. पहली वरीयता स्पष्ट न होना: राज्यसभा चुनाव में पहली वरीयता (1) बहुत जरूरी होती है। अगर विधायक ने 1 नहीं लिखा या अस्पष्ट लिखा, तो पूरा वोट अमान्य माना जाता है।

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