हरियाणा विधानसभा बजट सत्र के आठवें दिन की कार्यवाही में बजट पर चर्चा हुई। नारनौंद से कांग्रेस विधायक जस्सी पेटवाड़ ने GST को “गब्बर सिंह टैक्स” बताते हुए कहा कि यह जुलाई 2017 में लगाया गया था। क्या तब यह सही था या अब सही है। जस्सी ने कहा कि यह “गब्बर सिंह टैक्स” आठ साल से देश की जनता पर बोझ बना हुआ है। स्पीकर ने जस्सी को टोकते हुए कहा कि ये कौन सा टैक्स है। गब्बर सिंह टैक्स के बारे में पहली बार सुना है। ये रिकॉर्ड में है क्या? जस्सी पेटवाड़ ने जवाब में कहा कि सरकार ने तो कफन पर भी GST लगा दिया है, और कृषि उपकरणों पर भी टैक्स लगाया गया है। पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है, जबकि इन्हें इसके अंदर लाना चाहिए। मिड्ढा के किस्से पर हुड्डा के जवाब से सभी हंसे डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्ढा ने एक किस्सा सुनाते हुए कहा कि एक कॉलोनी में रहने वाले एक दंपती कभी नहीं झगड़ते थे। कॉलोनी वालों ने उन्हें दिवाली पर सम्मानित किया। लोगों ने उनसे उनके कभी न झगड़ने का कारण पूछा। उस व्यक्ति ने जवाब दिया कि उनके बीच झगड़े का कोई विषय ही नहीं है। घर के छोटे फैसले पत्नी लेती हैं, जबकि बड़े फैसले मैं लेता हूं। बच्चों को कौन से स्कूल-कॉलेज में पढ़ाना है, कौन सी ड्रेस लेनी है, शादी कहां करनी है – ये सभी फैसले पत्नी लेती हैं। लोगों ने फिर पूछा कि बड़े फैसले क्या हैं? तो व्यक्ति ने कहा कि रूस-यूक्रेन का युद्ध होना चाहिए या नहीं, भारत-पाकिस्तान करना चाहिए या नहीं – ये फैसले मैं लेता हूं। इस पर, साइड में बैठे नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मिड्ढा से चुटकी लेते हुए कहा, “ये आप अपनी बात बता रहे हैं क्या?” इस पर सदन में मौजूद सभी सदस्य हंसने लगे। भुक्कल-पंवार आमने-सामने हुए प्रश्नकाल में गांव के तालाबों को लेकर कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल और मंत्री कृष्णलाल पंवार आमने-सामने दिखे। गीता भुक्कल ने कहा कि तीन-तीन बार सवाल लगाए, मगर जवाब एक सा मिल रहा है। हम बार-बार एक मांग कर रहे हैं कि स्वच्छ तालाब दिए जाएं। अमृत सरोवर योजना में तीन करोड़ रुपए लगाए, इतने में तो हमारे एरिया के तालाब ठीक हो जाते। मेरे पास 68 फोटो हैं मैं आपको सेंड कर दूंगी। गांव के तीन बच्चे तालाब में डूब गए थे। कोई काम नहीं कर रहा। इसके जवाब में मंत्री कृष्णलाल पंवार ने कहा कि वाटर लेवल के कारण काम बंद करना पड़ा। छुछकवास, बहु गांव, मोडाखेड़ा गांव में वाटर लेवल ऊंचा है। सिंचाई और पंचायत विभाग इसका समाधान निकालेगा। सदन की कार्यवाही के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….