हरियाणा सरकार ने दो वरिष्ठ IAS अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया है। चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी की तरफ से आदेश जारी किए गए हैं। हालांकि लेटर में सस्पेंशन की वजह का उल्लेख नहीं है। बताया जा रहा है कि यह फैसला पिछले दिनों सामने आए निजी बैंक घोटालों से जुड़ा है। सस्पेंड हुए अधिकारियों में 2011 कैडर के प्रदीप कुमार-I और 2012 कैडर के राम कुमार सिंह शामिल हैं। प्रदीप कुमार फिलहाल राज्य परिवहन विभाग के डायरेक्टर एवं विशेष सचिव पद पर थे। जबकि राम कुमार सिंह विशेष सचिव, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग एवं अतिरिक्त CEO, पंचकूला मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (PMDA) के पद पर कार्यरत थे। बुधवार की देर रात जारी हुई 15 IAS की ट्रांसफर लिस्ट को भी इसी से जोड़कर देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि आईडीएफसी बैंक फ्रॉड के मामले की सीबीआई जांच की मंजूरी कभी भी सरकार दे सकती है। इससे पहले ही सरकार ने तीन आईएएस अफसरों को साइड लाइन किया है। इसमें मुख्यमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त प्रधान सचिव आईएएस साकेत कुमार को उनके सभी पदों से हटाते हुए आर्कीव डिपार्टमेंट की जिम्मेदारी दे दी है। इसी तरह सीनियर आईएएस पंकज अग्रवाल और डीके बेहरा को महत्वपूर्ण विभागों से पदमुक्त करते हुए साइड कर दिया गया है। पंकज अग्रवाल को आर्कीटेक्चर विभाग का प्रधान सचिव लगाया गया है। वहीं डीके बेहरा को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन का सचिव लगाया गया है। चर्चा है कि इन तीनों अफसर का नाम आईडीएफसी बैंक फ्रॉड में सामने आया है। ये सभी अफसर पूर्व में पंचायत विभाग में तैनात रह चुके हैं। सरकार की ओर से जारी सस्पेंशन लेटर… सस्पेंशन लेटर में ये किया गया जिक्र
मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा जारी अलग-अलग आदेशों के अनुसार दोनों अधिकारियों को ऑल इंडिया सर्विसेज (डिसिप्लिन एंड अपील) रूल्स, 1969 के तहत सस्पेंड किया गया है। सरकार के आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान दोनों अधिकारियों का मुख्यालय चीफ सेक्रेटरी (CS) कार्यालय की सर्विसेज-I शाखा चंडीगढ़ रहेगा। उन्हें नियमों के अनुसार सब्सिस्टेंस अलाउंस दिया जाएगा। बुधवार रात हुआ था बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हरियाणा सरकार ने बुधवार की देर रात ही बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 15 IAS अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए थे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू किए गए थी। जारी आदेशों के अनुसार कई वरिष्ठ अधिकारियों को उनके वर्तमान कार्यभार के साथ अतिरिक्त विभागों की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है, जबकि कुछ जिलों में उपायुक्त (DC) स्तर पर भी बदलाव किए गए हैं। खास बात यह थी कि अतिरिक्त प्रधान सचिव आईएएस साकेत कुमार, सीनियर आईएएस पंकज अग्रवाल और डीके बेहरा को साइड लाइन कर दिया था। इन तीन अफसरों के अलावा 1991 बैच के सीनियर आईएएस विनीत गर्ग को भी सरकार ने साइड लाइन किया है। पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से हटाकर प्रिंटिंग विभाग दे दिया गया है। इससे पहले सरकार की ओर से गर्ग से शिक्षा विभाग भी वापस लिया जा चुका है। सूत्रों की मानें तो सरकार काफी दिनों ने इन अफसरों की कार्यप्रणाली को नाराज चल रही थी। बैंक फ्रॉड में सीबीआई जांच की मंजूरी से पहले ब्यूरोक्रेसी में ये बड़ा बदलाव होने से सूबे की ब्यूरोक्रेसी में हलचल मची हुई है। बुधवार रात सरकार की ओर से जारी ट्रांसफर आदेश… अब सिलसिलेवार जानिए IDFC बैंक घोटाले के बारे में… ———————— ये खबर भी पढ़ें…. हरियाणा IDFC बैंक घोटाला, सीएम को भेजी फाइल:CBI जांच कराने को सरकार तैयार; 5 IAS अफसरों के नाम आए सामने हरियाणा में चर्चित IDFC बैंक घोटाले की जांच को लेकर बड़ा घटनाक्रम सामने आ सकता है। सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार इसी सप्ताह इस मामले की जांच CBI को सौंपने की मंजूरी दे सकती है। वर्तमान में मामले की जांच हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (HSB-ACB) कर रही है और अब तक की जांच में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं। (पूरी खबर पढ़ें)