9 साल पुराने चर्चित वर्णिका कुंडू छेड़छाड़ मामले में चंडीगढ़ जिला अदालत ने राज्यसभा सदस्य सुभाष बराला के बेटे विकास बराला को कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने साफ कहा कि वर्ष 2017 का यह मामला है और ऐसा प्रतीत होता है कि इसे बेवजह लटकाया जा रहा है। अदालत ने आरोपी विकास बराला द्वारा दायर वह अर्जी खारिज कर दी, जिसमें केस से जुड़े कुछ दस्तावेजों को फोरेंसिक जांच के लिए सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (सीएफएसएल) भेजने की मांग की गई थी। फोरेंसिक जांच की अर्जी खारिज 5 अगस्त 2017 को सेक्टर-26 थाना पुलिस ने आईएएस अधिकारी वीएस कुंडू की बेटी वर्णिका कुंडू की शिकायत पर विकास बराला और उसके दोस्त आशीष के खिलाफ केस दर्ज किया था। हाल ही में आरोपी विकास बराला ने दावा किया था कि केस से जुड़े कुछ दस्तावेजों, जिनमें शिकायत की कॉपी भी शामिल है, पर वर्णिका कुंडू के फर्जी हस्ताक्षर हैं। उसके वकील ने अदालत में अर्जी दाखिल कर दस्तावेजों को सीएफएसएल भेजने की मांग की और कहा कि फोरेंसिक जांच का खर्च भी वे स्वयं उठाने को तैयार हैं। सरकारी वकील ने इस अर्जी का विरोध करते हुए दलील दी कि आरोपी पक्ष जानबूझकर मुकदमे में देरी करने के लिए ऐसी अर्जी दाखिल कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जिस हैंडराइटिंग एक्सपर्ट की राय पेश की गई, उसने मूल दस्तावेजों की बजाय फोटोकॉपी देखकर अपनी राय दी है, जिसकी कोई कानूनी मान्यता नहीं है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि यह 2017 का मामला है और इसे अनावश्यक रूप से लंबित रखा जा रहा है। इसके बाद कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दी। पहले भी खारिज हो चुकी है शिकायत आरोपी विकास बराला ने इससे पहले भी एक अर्जी दायर कर वर्णिका कुंडू के खिलाफ ही केस दर्ज करने की मांग की थी। 31 अगस्त 2023 को अदालत ने वह शिकायत भी खारिज कर दी थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि एक ही मुद्दे को मुकदमे के दौरान दोबारा नहीं उठाया जा सकता। जानिए क्या है पूरा मामला 4 अगस्त 2017 की रात चंडीगढ़ में विकास बराला और उसके दोस्त आशीष पर आईएएस अधिकारी वीएस कुंडू की बेटी वर्णिका कुंडू के साथ छेड़छाड़ और पीछा करने के आरोप लगे थे। शिकायत के अनुसार सेक्टर-7 के पास एक कार लगातार उनकी गाड़ी का पीछा कर रही थी। रास्ता बदलने के बावजूद आरोपियों ने पीछा जारी रखा और बाद में कार रोकने की कोशिश की। एक युवक कार से उतरकर दरवाजा खोलने लगा। उसी दौरान वर्णिका ने अपने पिता और पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर सूचना दी थी। पुलिस ने पहले दोनों को गिरफ्तार किया, लेकिन थाने से ही जमानत दे दी थी। मामला तूल पकड़ने के बाद दोनों आरोपियों को सरेंडर करना पड़ा। अब तक केस टाइमलाइन…. 5 अगस्त 2017 : सेक्टर-26 थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया। 9 अगस्त 2017 : विकास बराला और आशीष ने थाने में सरेंडर किया, गिरफ्तारी हुई। 20 सितंबर 2017 : आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दायर की गई। 13 अक्टूबर 2017 : दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 354डी, 341, 365, 511 और 34 के तहत आरोप तय हुए। 11 जनवरी 2018 : पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से विकास बराला को जमानत मिली। 31 अगस्त 2023 : आरोपी की पूर्व शिकायत अदालत ने खारिज की।