हरियाणा ₹590 करोड़ फ्रॉड केस: सुपरिटेंडेंट ने फॉर्च्यूनर खरीदी:पंचायत विभाग में तैनात, बेटी के खाते में लिए 10 लाख, कंपनी-अधिकारियों के बीच ब्रॉकर

हरियाणा में सरकारी विभागों के IDFC बैंक से जुड़े ₹590 करोड़ के फ्रॉड केस में अब सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों की गर्दन एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के शिकंजें में आने लगी है। एसीबी ने पंचायत विभाग के सुपरिटेंडेंट को अरेस्ट किया है। जिसकी पहचान मोहाली में रहने वाले नरेश कुमार के तौर पर हुई है। ACB द्वारा गिरफ्तार किया गया नरेश कुमार मूल रूप से चरखी दादरी जिले के जगरामबास गांव का रहने वाला है। जो वर्तमान में मोहाली एरिया की एयरो सिटी में रहता था। आरोपी को मोहाली स्थित घर से ही गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर 10 दिन का रिमांड मांगा गया था, लेकिन कोर्ट ने 6 मार्च तक का रिमांड मंजूर किया है। रिमांड की मांग करते हुए कोर्ट को एसीबी ने बताया कि आरोपी रसूख और आर्थिक शक्ति को देखते हुए, यह अंदेशा है कि गवाहों को डरा-धमका सकते हैं या उन्हें प्रभावित कर सकते हैं, जिससे निष्पक्ष जांच बाधित होगी। इसलिए इनसे गहन पूछताछ की आवश्यकता है। गबन की गई विशाल राशि के अंतिम लाभार्थी का पता लगाने, अन्य संलिप्त भ्रष्ट अधिकारियों की पहचान करने और इस अपराध के पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए रिमांड पर लेना जरूरी है। अब तक 5 की गिरफ्तारी, 2 IAS के नाम सामने आए नरेश कुमार की गिरफ्तारी के बाद आरोपियों की संख्या में अब 5 हो गई है। हालांकि किसी भी सरकारी अधिकारी-कर्मचारी की यह पहली गिरफ्तारी है। अभी एसीबी की जांच में 2 आईएएस अधिकारियों सहित कई बड़े नाम आ चुके हैं। जिनके खिलाफ एसीबी डिजिटल सुबूत जुटाने व उन्हें वेरिफाई करने में जुटी हुई है। अब जानिए, गिरफ्तार किए सुपरिटेंडेट और कंपनी का कनेक्शन… ACB की जांच में अब आगे क्या होगा… अब जानिए फ्रॉड में किसकी क्या भूमिका…

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