हरियाणा में राज्यसभा की 2 सीटों के लिए सियासी सरगर्मी बढ़ गई है। BJP के टिकट पर संजय भाटिया का राज्यसभा में पहुंचना लगभग तय है। कांग्रेस बुधवार को प्रत्याशी तय कर सकती है। 5 मार्च को नामांकन का आखिरी दिन है। यदि तीसरा कोई प्रत्याशी नहीं आता तो उसी दिन दोनों दलों के खाते में एक-एक सीट चली जाएगी। यदि तीसरा प्रत्याशी चुनावी मैदान में आता है तो 16 मार्च को वोटिंग होगी। भाजपा इतनी आसानी अपनी एक सीट घटाना नहीं चाहेगी। इसलिए दूसरी सीट के लिए गैर कांग्रेसी या निर्दलीय प्रत्याशी को समर्थन दे सकती है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक अभी पार्टी कांग्रेस के प्रत्याशी का इंतजार कर रही है। कांग्रेस को झटका देने के लिए उसे 9 क्रॉस वोट की जरूरत होगी। 9 क्रॉस वोट का गणित समझिए भाजपा के पास 48 विधायक हैं। एक सीट जीतने के लिए 31 वोट चाहिए। पहली सीट पर 31 वोट जाने के बाद भाजपा के पास 17 वोट बचेंगे। यदि भाजपा 3 निर्दलीय और 2 इनेलो विधायकों को अपने साथ ले आए, तो उनके पास 22 वोट हो जाएंगे। फिर भी, भाजपा को दूसरी सीट के लिए 31 वोट पूरे करने के लिए 9 वोट चाहिए। अगर कांग्रेस के 9 विधायक क्रॉस वोटिंग कर दें, तो भाजपा का दूसरा उम्मीदवार जीत सकेगा। कांग्रेस में बड़े नामों पर चर्चा कांग्रेस के एक केंद्रीय नेता के मुताबिक अभी पार्टी हरियाणा के ही बड़े नामों पर चर्चा कर रही है। इनमें राज बब्बर, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष चौ. उदयभान, हिसार के पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह के नाम भी शामिल हैं। पूर्व सांसद अशोक तंवर के नाम पर भी चर्चा चली। हालांकि नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र हुड्डा खेमा तंवर व बृजेंद्र के नाम पर आसानी से सहमत नहीं होगा। ऐसे में क्रॉस वोटिंग का खतरा बढ़ सकता है। पवन खेड़ा के नाम का जिक्र भी चल रहा है। भाजपा के पास अभी ये 2 ऑप्शन… 1. सिर्फ एक सीट पर संतोष चूंकि क्रॉस वोटिंग के लिए 9 विधायकों का साथ चाहिए, इसलिए भाजपा एक सीट पर भी संतोष कर सकती है। इस स्थिति में, संजय भाटिया भाजपा से राज्यसभा सांसद बन जाएंगे, और दूसरी सीट कांग्रेस के पास चली जाएगी। कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं, ऐसे में उन्हें किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी। 2. कांग्रेस में गुटबाजी पर दूसरा उम्मीदवार दूसरी संभावना यह है कि अगर कांग्रेस उम्मीदवार की घोषणा के बाद इनके विधायकों में गुटबाजी या नाराजगी दिखाई देती है, तो भाजपा किसी ऐसे उम्मीदवार की घोषणा कर दे, जो गैर-राजनीतिक हो और जिसकी छवि भी अच्छी हो। या किसी निर्दलीय को समर्थन दे। इससे वह कांग्रेस के 9 विधायकों के वोट अपने पक्ष में कराकर दूसरी सीट जीत सके। BJP उम्मीदवार संजय भाटिया के बारे में जानिए…. कॉलेज टाइम में ABVP से जुड़े संजय भाटिया पानीपत के मॉडल टाउन के रहने वाले हैं। उन्होंने पानीपत के आईबी कॉलेज से बीकॉम की थी। कॉलेज के समय से ही वे बीजेपी की छात्र शाखा ABVP से जुड़े रहे। 1987 में वे मंडल सेक्रेटरी बने और 1989 में ABVP के जिला महासचिव बने। 1998 में उन्हें BJP युवा मोर्चा का राज्य महासचिव बनाया गया। 2019 में जीत का अंतर देश में दूसरे नंबर पर रहा वह हरियाणा खादी और ग्राम उद्योग बोर्ड के अध्यक्ष भी रहे। 2019 के लोकसभा चुनाव में वह करनाल से सांसद बने। भाटिया की जीत का अंतर वोटों के लिहाज से देश में दूसरे नंबर पर रहा था। उन्हें 70 फीसदी से ज्यादा वोट मिले। उन्हें 9 लाख 11 हजार 594 वोट मिले। उन्होंने कांग्रेस के कुलदीप शर्मा को 6 लाख 56 हजार 142 वोटों से हराया। तब गुजरात के नवसारी से भाजपा के सीआर पाटिल की जीत सबसे बड़ी थी। वह 6,89,668 वोटों के अंतर से जीते थे। टिकट कटने के बाद से संगठन में सक्रिय 2024 में अचानक मनोहर लाल खट्टर की जगह नायब सैनी को मुख्यमंत्री बनाया गया। इसके बाद इसी साल हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा ने करनाल से संजय भाटिया का टिकट काटकर मनोहर लाल खट्टर को दे दिया। इसके बाद संजय भाटिया को विधानसभा चुनाव भी नहीं लड़वाया गया। इसके बाद से वह संगठन में सक्रिय थे। —————————– ये खबर भी पढ़ें :- हरियाणा BJP ने संजय भाटिया को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया:पूर्व सांसद का करनाल सीट से कटा था टिकट; 2 से ज्यादा उम्मीदवार तो 16 मार्च को वोटिंग
हरियाणा में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने पूर्व सांसद संजय भाटिया को उम्मीदवार बनाया है। मंगलवार दोपहर को अलग-अलग राज्यों के उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की। भाजपा और कांग्रेस के खाते में एक-एक सीट आ सकती है। पढ़ें पूरी खबर…