हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जिलों में चल रहे समाधान शिविरों का आज औचक निरीक्षण किया। बिना किसी पूर्व सूचना के VC के माध्यम से समाधान शिविरों की कार्यवाही देखी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने समाधान शिविर में आए लोगों से सीधा संवाद भी किया। महेंद्रगढ़, कैथल, हिसार, हांसी, करनाल के शिकायतकर्ताओं से मुख्यमंत्री ने सीधी बात की। अधिकारियों को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने दिए साफ निर्देश दिए कि शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का समयबद्ध तरीके से निस्तारण किया जाए। हरियाणा में जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सरकार ने समाधान शिविर शुरू किए हैं, जो प्रत्येक सोमवार से शुक्रवार (वर्किंग डे) सुबह 10 से 12 बजे जिला सचिवालयों में लगते हैं। इन शिविरों में DC, ADC और अन्य अधिकारी एक साथ बैठकर फैमिली आईडी, पेंशन, राशन कार्ड, पुलिस व नगर निकाय जैसे मुद्दों का ऑन-द-स्पॉट निवारण करते हैं। समाधान नहीं होने तक फाइल नहीं होगी बंद मुख्यमंत्री ने कहा कि समाधान शिविरों में प्राप्त सभी शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। शिविर में आने वाले नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए। यदि समाधान शिविरों में किसी भी स्तर पर अधिकारियों द्वारा लापरवाही पाई गई, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जिला प्रशासन को दो-टूक निर्देश देते हुए कहा कि जब तक किसी शिकायत का जमीनी स्तर पर पूर्ण समाधान नहीं हो जाता, तब तक फाइल बंद नहीं की जाएगी। शिविरों की जानकारी का प्रचार प्रचार हो समाधान शिविरों की जानकारी अखबार, सोशल मीडिया, ग्राम सचिवालय, नगर निकाय कार्यालयों और अन्य सार्वजनिक माध्यमों से आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए, ताकि कोई भी नागरिक जानकारी के अभाव में अपनी समस्या दर्ज कराने से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाधान शिविर सरकार और जनता के बीच भरोसे की कड़ी हैं और इनमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन का असली मूल्यांकन फाइलों से नहीं, बल्कि नागरिकों की संतुष्टि से होता है।