हिमाचल में महंगा होगा पेट्रोल-डीजल:₹5 तक प्रति लीटर बढ़ेंगी कीमतें, अनाथ-विधवाओं के लिए सेस लगाया, लोकल समेत टूरिस्ट पर पड़ेगी मार

हिमाचल प्रदेश की जनता के साथ साथ पंजाब-हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली समेत देश के सभी राज्यों से पहाड़ों की सैर पर आने वाले टूरिस्ट पर भी महंगाई की मार पड़ने वाली है। हिमाचल सरकार ने आज (सोमवार को) विधानसभा में पेट्रोल-डीजल पर ‘अनाथ-विधवा सेस’ लगाने का निर्णय लिया है। इसके लिए, हिमाचल प्रदेश मूल्य परिवर्धित कर (संशोधन) विधेयक, 2026 विपक्ष के विरोध के बीच ध्वनिमत से पारित कर दिया है। सरकार का तर्क है कि अनाथ बच्चों और विधवाओं के लिए रेगुलर इनकम जरूरी है। इसके ईंधन पर ‘अनाथ और विधवा सेस’ लगाया जा रहा है। अब इस विधेयक को राज्यपाल के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राज्यपाल की स्वीकृति मिलते ही यह कानून बन कर लागू हो जाएगा। इसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में अधिकतम 5 रुपए प्रति लीटर तक की वृद्धि तय है। सदन में आज इस विधेयक पर चर्चा हुई। इस दौरान बीजेपी ने 5 रुपए बढ़ौतरी का विरोध किया। बीजेपी विधायक रणधीर शर्मा ने सदन में कहा कि पहले ही पेट्रोल बहुत महंगा है। 5 रुपए ओर सेस लगाकर पेट्रोल 100 से ऊपर और डीजल 90 रुपए के आसपास पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि इतना सेस लगाना तर्क संगत नहीं है। आम आदमी पार्टी जैसी बात कर रही बीजेपी: CM सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि जैसी बात पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार कर रही है, वैसी ही बात हिमाचल में बीजेपी भी कर रही है। उन्होंने कहा- अनाथ एवं विधवाओं के लिए लगाए गए सेस का विरोध गलत है। हिमाचल बीजेपी नेता केंद्र सरकार से पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करवाए। बता दें कि सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बीते शुक्रवार को ही यह विधानसभा में पेश कर दिया था। आज इसे चर्चा के बाद पारित किया गया। हालांकि, सरकार का दावा है कि सेस की वलूसी पेट्रोल-डीजल सोर्स संचालकों से की जाएगी। पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने से ये असर पड़ेगा पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ौतरी का असर न केलव आम आदमी पर पड़ेगा, बल्कि किसानों-बागवानों और हर साल हिमाचल के पर्यटन स्थलों पर आने वाले 3 करोड़ से अधिक टूरिस्ट पर भी पड़ेगा। पर्यटकों को भी महंगे दाम पर पेट्रोड-डीजल भरवाना पड़ेगा। ईंधन के दाम में बढ़ौतरी के बाद खाद्य वस्तुओं के दाम में इजाफा और पहाड़ों पर घर बनाना महंगा हो जाएगा। एक साथ पांच रुपए तक प्रति लीटर की कीमत बढ़ने से निर्माण सामग्री, सेब और किसानों की फसलों की ढुलाई के साथ साथ बस किराए में भी इजाफा हो सकता है। कमजोर तबकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना लक्ष्य: CM वहीं, कांग्रेस सरकार सामाजिक सुरक्षा के नाम पर नया आर्थिक मॉडल तैयार करने के दावे कर रही है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के कमजोर तबकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। यह उपकर उसी दिशा में एक ठोस पहल है, जिससे जरूरतमंदों को निरंतर सहायता मिल सकेगी। क्यों लगाया जा रहा नया उपकर हिमाचल विधानसभा में पेश विधेयक के अनुसार राज्य में पहले से अनाथ बच्चों और विधवाओं के लिए कई योजनाएं संचालित हैं, लेकिन इनके लिए स्थायी और समर्पित फंड की कमी महसूस की जा रही थी। इसी को दूर करने के लिए सरकार ने संशोधन विधेयक लाया। अलग कल्याण कोष में जाएगा पैसा सरकार का दावा है कि इस सेस से जुटाई गई पूरी राशि अनाथ एवं विधवा वेलफेयर फंड में जमा होगी। इस फंड का उपयोग सीधे जरूरतमंदों की सहायता और कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार में किया जाएगा।

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