हिमाचल प्रदेश विधानसभा के दसवें सत्र की चौथी बैठक सोमवार, 1 दिसंबर 2025 को धर्मशाला के तपोवन में दोपहर 2 बजे से शुरू होगी। चौथी बैठक का मुख्य एजेंडा ‘हिमाचल प्रदेश लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) विधेयक, 2025’ को सदन में प्रस्तुत करना है। यह विधेयक परीक्षाओं में नकल और संगठित अपराधों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाने के उद्देश्य से लाया जा रहा है। इसके प्रस्तावित प्रावधानों के अनुसार, नकल करवाने वालों को दस साल तक की कैद और एक करोड़ रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। प्रश्नकाल से होगी शुरुआत सत्र की शुरुआत प्रश्न काल से होगी, जिसमें विभिन्न तारांकित और अतारांकित प्रश्नों पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू वर्तमान सप्ताह की शासकीय कार्यसूची पर अपना वक्तव्य प्रस्तुत करेंगे। सदन में विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 182 के तहत हिमाचल प्रदेश विद्युत नियामक आयोग से संबंधित कई महत्वपूर्ण अधिसूचनाएं और संशोधन भी रखे जाएंगे। इनमें हिमाचल प्रदेश विद्युत आपूर्ति संहिता (छठा संशोधन), संसाधन पर्याप्तता विनियम और विचलन निपटान विनियम जैसे प्रमुख संशोधन शामिल हैं। प्रस्तुत किया जाएगा वार्षिक प्रतिवेदन इसके अतिरिक्त, कंपनी अधिनियम, 2013 के अनुच्छेद 394 (2) के तहत एसजेवीएन लिमिटेड का वर्ष 2024-25 का वार्षिक प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किया जाएगा। विभिन्न समितियों के प्रतिवेदनों में कल्याण समिति द्वारा “मुख्यमंत्री शगुन योजना” और अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम की समीक्षा प्रमुख है। मानव विकास समिति स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग का संवीक्षण प्रस्तुत करेगी। सदन में नियम 62 के तहत डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज, टांडा में विशेषज्ञों और सुविधाओं की कमी पर एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव भी लाया जाएगा। इस शीतकालीन सत्र में कई महत्वपूर्ण विधायी, शासकीय और जनहित के मुद्दों पर गहन चर्चा होने की संभावना है, जिससे प्रदेश के विकास और जन कल्याण से जुड़े कई निर्णय लिए जा सकते हैं।