हिसार में 10 दिन डिजिटल अरेस्ट कर 50 लाख वसूले:मुंबई पुलिस का DIG बनकर धमकाया, कहा-पैसे नहीं डालने पर भेज देंगे पुलिस

साइबर ठगों ने हिसार जिले के एक रिटायर्ड अधिकारी को 10 दिन तक डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 50 लाख रुपए वसूल लिए। खुद को मुंबई पुलिस का DIG बताने वाले आरोपी ने व्हाट्सएप कॉल और फर्जी नोटिस के जरिए पीड़ित को इतना डरा दिया कि उसने अपनी एफडी तुड़वाकर दो अलग-अलग खातों में 20 लाख और 30 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। बाद में बेटे ने इसे साइबर फ्रॉड बताया, तो मामला सामने आया। तरसेम नगर के कृष्ण कुमार (रिटायर्ड, भारत पेट्रोलियम) के पास 7 मार्च को व्हाट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को प्रदीप जायसवाल, DIG मुंबई पुलिस बताया। उसने कहा कि पीड़ित के आधार कार्ड पर मुंबई में बैंक खाता खुला है और उसमें बड़ा फ्रॉड हुआ है। आरोपी ने गिरफ्तारी का डर दिखाते हुए मुंबई आने को कहा। आरोपी ने पीड़ित को उसका नाम और आधार नंबर लिखकर फर्जी नोटिस भेजा। फिर वीडियो कॉल कर पुलिस वर्दी में दिखा और आईडी कार्ड की फोटो भी भेज दी। इससे पीड़ित को विश्वास हो गया। RBI के नाम पर कराए ट्रांजैक्शन आरोपी ने कहा कि जांच पूरी होने तक रकम रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के खाते में जमा करानी होगी, नहीं तो गिरफ्तारी और परिवार को नुकसान होगा। आरोपी ने 10 मार्च को 20 लाख रुपए और 17 मार्च को खाते में 30 लाख रुपए आरटीजीएस के माध्यम से डलवाए। दोनों बार आरोपी ने फर्जी रसीदें भी भेजी और चुप रहने की धमकी देता रहा। फर्जी अधिकारी बोला- घर आ रही पुलिस फर्जी पुलिस अधिकारी ने कृष्ण कुमार को धमकाते हुए कहा कि अगर वह तुरंत मुंबई नहीं आया, तो पुलिस आपको उठाकर ले जाएगी और केस में फंसा दिया जाएगा। इसके अलावा कहा कि अगर जांच में सहयोग नहीं किया, तो आपके परिवार को भी गिरफ्तार किया जा सकता है। नकली पुलिस अधिकारी ने कहा कि जिस व्यक्ति के नाम पर फ्रॉड हुआ है, वह खतरनाक है, वह आपको और आपके परिवार को नुकसान पहुंचा सकता है। कृष्ण कुमार ने बताया कि नकली डीआईजी बार-बार फोन कर कहता था कि हमारी टीम सिविल ड्रेस में आपके घर के आसपास घूम रही है, पैसे नहीं डाले, तो तुरंत घर पर पुलिस भेज देंगे। परिवार को बताने पर ठगी का खुलासा कई दिनों तक डर के कारण पीड़ित ने किसी को कुछ नहीं बताया। घरवालों ने परेशान देखकर पूछताछ की, तो बेटे ने इसे साइबर ठगी बताया। इसके बाद साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाई गई। पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच साइबर क्राइम थाना कर रहा है।

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